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Uttar Pradesh : बुलंदशहर के 117 गांवों में मियांवाकी पद्धति से उगेगा घना जंगल, 12 जुलाई से शुरू होगा वृक्षारोपण

Bulandshahar (अवनीश त्यागी) : पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की दिशा में बुलंदशहर की मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के 117 गांवों में जापान की प्रसिद्ध मियांवाकी पद्धति से सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए 127 ग्राम पंचायतों में कुल 96.96 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर ली गई है। वृक्षारोपण का कार्य रविवार 12 जुलाई से शुरू किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल ने बताया कि मियांवाकी पद्धति जापान के प्रसिद्ध वनस्पति वैज्ञानिक अकीरा मियांवाकी द्वारा विकसित एक वैज्ञानिक तकनीक है। इस पद्धति में स्थानीय प्रजातियों के पौधों को बहुत कम दूरी पर सघन रूप से लगाया जाता है, जिससे मात्र 2-3 साल में ही घना और प्राकृतिक जंगल तैयार हो जाता है।

सीडीओ निशा ग्रेवाल ने बताया कि जनपद के 117 गांवों का चयन किया गया है। चयनित ग्राम पंचायतों में कुल 96.96 हेक्टेयर भूमि पर मियांवाकी जंगल विकसित किए जाएंगे। पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए जीवामृत तैयार कराया जा रहा है। प्रत्येक स्थल पर देशी गाय का गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन और बगीचे की मिट्टी को ड्रम में पानी के साथ मिलाकर जीवामृत बनाया जा रहा है। इसी से पौधों को पोषित किया जाएगा।

सघन वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ग्राम पंचायतों के साथ 2 वर्ष की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत पानी, तार फेंसिंग, सोलर पंप, खुदाई और निराई जैसे कार्य कराए जाएंगे।

मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल ने कहा कि मियांवाकी पद्धति से न केवल जिले में हरियाली बढ़ेगी, बल्कि वायु गुणवत्ता में सुधार और भूजल स्तर को बेहतर करने में भी मदद मिलेगी। यह अभियान जनसहभागिता से ही सफल होगा। गांवों में बैठकें कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया है। उन्होंने सभी जनपद वासियों से अपील की कि वे पौधों की सुरक्षा और देखभाल में प्रशासन का सहयोग करें। इस पहल से जिले का पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा-पानी मिलेगा।

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