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Sukhoi Su-57 India deal: चीन को टक्कर देने के लिए भारत की नजर रूसी सुखोई-57 पर, पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर पर मंथन

Sukhoi Su-57 India deal: चीन को टक्कर देने के लिए भारत की नजर रूसी सुखोई-57 पर, पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर पर मंथन

नई दिल्ली, 23 फरवरी। फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की डील को मंजूरी मिलने के बाद भारत अब पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट की खरीद पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस दौड़ में रूस का Sukhoi Su-57 भारतीय वायुसेना की प्राथमिक पसंद के रूप में उभरता दिख रहा है।

सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना ने चीन की बढ़ती सैन्य ताकत को देखते हुए उन्नत स्टील्थ फाइटर की आवश्यकता पर चर्चा की है। चीन के पास पहले से Chengdu J-20 और Shenyang J-35 जैसे आधुनिक स्टील्थ विमान मौजूद हैं और इनके निर्यात की संभावना पर भी चर्चा होती रही है।

भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का कार्यक्रम Advanced Medium Combat Aircraft अभी विकास के चरण में है और इसके परिचालन में आने में करीब एक दशक लग सकता है। ऐसे में सुखोई-57 को अंतरिम समाधान के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे भारतीय वायुसेना की क्षमता में तत्काल बढ़ोतरी हो सके।

अमेरिका के F-35 Lightning II विकल्प पर फिलहाल विचार नहीं किया जा रहा है। माना जा रहा है कि संचालन, हथियार एकीकरण और संभावित प्रतिबंधों को लेकर चिंताएं हैं। वहीं रूस के प्रस्ताव का एक लाभ यह भी है कि सुखोई-57 का रखरखाव मौजूदा Sukhoi Su-30MKI बेड़े के साथ तालमेल में आसान हो सकता है।

बताया जा रहा है कि रूसी तकनीकी टीम पहले ही Hindustan Aeronautics Limited की नासिक इकाई का दौरा कर सुविधाओं का आकलन कर चुकी है। अब भारतीय वायुसेना द्वारा तकनीकी मूल्यांकन पूरा होने के बाद रूस के साथ औपचारिक वार्ता शुरू की जा सकती है।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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