Structural Safety Report: नोएडा के गांवों में इमारतों की मजबूती होगी जांच, निर्माण के बाद देनी होगी स्ट्रक्चरल सेफ्टी रिपोर्ट
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण अब ग्रामीण क्षेत्रों में बनी और निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर व्यवस्था सख्त करने की तैयारी में है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत गांवों में इमारतों के निर्माण के बाद उनकी मजबूती और सुरक्षा की जांच कराकर स्ट्रक्चरल सेफ्टी रिपोर्ट देना अनिवार्य किया जा सकता है। इसके लिए शासन को भेजी गई यूनिफाइड पॉलिसी में विशेष प्रावधान जोड़ा गया है।
प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के अनुसार यूनिफाइड पॉलिसी में ग्रामीण क्षेत्रों की इमारतों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी से संबंधित क्लॉज शामिल किया गया है। फिलहाल पॉलिसी शासन की मंजूरी के इंतजार में है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इसे प्राधिकरण की आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रावधान को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
यह यूनिफाइड पॉलिसी मुख्य रूप से औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित है, लेकिन नोएडा के गांवों में बढ़ते निर्माण और आबादी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें इमारतों की संरचनात्मक मजबूती से जुड़ा प्रावधान शामिल किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद निर्माणाधीन और पहले से बनी इमारतों की सुरक्षा को लेकर जांच की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में इमारत गिरने की घटना के बाद नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जर्जर और संभावित रूप से असुरक्षित भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के दौरान चिन्हित इमारतों पर नोटिस भी चस्पा किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसी इमारतों की स्थिति का आकलन करना और संभावित जोखिम वाले भवनों की पहचान करना है।
नोएडा के गांवों में प्राधिकरण की नक्शा नीति लागू है। हालांकि, कई ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में निर्माण हुआ है। कुछ इलाकों में बहुमंजिला इमारतें भी विकसित हुई हैं। ऐसे में भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद गांवों में बनी और निर्माणाधीन इमारतों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जांच कराई जा सकेगी। रिपोर्ट के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि संबंधित भवन संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है या नहीं। इससे भवन की मजबूती से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए एक औपचारिक प्रक्रिया विकसित होने की उम्मीद है।
सर्फाबाद, भंगेल, सलारपुर और बरौला समेत नोएडा के कई गांवों में बड़ी संख्या में बहुमंजिला इमारतें पहले से मौजूद हैं। कई स्थानों पर अभी भी निर्माण कार्य चल रहा है। इन क्षेत्रों में आबादी और निर्माण गतिविधियों के विस्तार को देखते हुए प्रस्तावित स्ट्रक्चरल सेफ्टी प्रावधान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, नई व्यवस्था अभी लागू नहीं हुई है। पहले शासन से यूनिफाइड पॉलिसी को मंजूरी मिलनी है और इसके बाद प्राधिकरण बोर्ड की स्वीकृति आवश्यक होगी। इन दोनों स्तरों की मंजूरी के बाद ही स्ट्रक्चरल सेफ्टी रिपोर्ट से जुड़ा प्रावधान प्रभावी रूप से लागू किया जा सकेगा।


