Sports City Layout Protest: सेक्टर-150 स्पोर्ट्स सिटी के लेआउट प्लान के खिलाफ मोमनाथल गांव के लोगों का धरना, 12 मीटर सड़क बचाने की मांग
नोएडा के सेक्टर-150 स्थित बहुचर्चित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के संशोधित लेआउट प्लान को लेकर स्थानीय किसानों और प्राधिकरण प्रशासन के बीच टकराव और अधिक गहरा गया है। सेक्टर-150 के भूखंड संख्या एससी-01 के संशोधित लेआउट में गांव के पारंपरिक 12 मीटर चौड़े मुख्य आवागमन मार्ग को बिल्डर के नक्शे में समाहित किए जाने के विरोध में गुरुवार को मोमनाथल गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन का घेराव किया और परिसर में धरने पर बैठ गए। गुस्साए ग्रामीणों ने प्राधिकरण और बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए साफ किया कि वे अपनी पुश्तैनी आबादी और रास्ते की जमीन पर बिल्डर का कब्जा किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि प्राधिकरण ने इस भूखंड के संशोधित लेआउट को लेकर 11 अक्टूबर तक आम जनता से आपत्तियां मांगी थीं, जिस पर गांव के लोगों ने समय रहते लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसके बाद तीन दिनों तक प्राधिकरण कार्यालय में चली सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने नियोजन विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपने वैध राजस्व दस्तावेज पेश किए थे, लेकिन उसके बावजूद कोई सकारात्मक समाधान निकालने के बजाय वर्क सर्किल के अधिकारी बिल्डर के पक्ष में जमीन छोड़ने का अनुचित दबाव बना रहे हैं। सुनवाई में कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर गुरुवार को ग्रामीण उग्र हो गए और प्राधिकरण की जनसुनवाई में पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों ने नियोजन विभाग को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि बिल्डर ने मिलीभगत कर एक फर्जी और भ्रामक लेआउट प्रस्तुत किया है, जिसमें गांव की पुरानी आबादी की जमीन को अपनी परियोजना का हिस्सा दिखा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव का 12 मीटर चौड़ा मुख्य मार्ग पिछले 15 वर्षों से सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, जिस पर प्राधिकरण खुद कई बार पक्की सड़क बना चुका है और इसके किनारे सीवर लाइन व बिजली के खंभे लगे हुए हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि इस रास्ते को बिल्डर की चहारदीवारी में ले लिया गया, तो गांव के लोगों का बाहर निकलना बंद हो जाएगा और आबादी के अस्तित्व पर संकट आ जाएगा। ग्रामीणों के कड़े रुख को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया कि गांव के वैध रास्ते को किसी भी हाल में बंद नहीं होने दिया जाएगा और लेआउट की तकनीकी जांच कराई जाएगी।

