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Rahul Gandhi PM Modi: राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला, बोले- सामाजिक न्याय और बराबरी के खिलाफ है पूरा सिस्टम

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Rahul Gandhi PM Modi: राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला, बोले- सामाजिक न्याय और बराबरी के खिलाफ है पूरा सिस्टम

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर शिक्षा तथा सामाजिक न्याय के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी सामाजिक न्याय और बराबरी के खिलाफ हैं और उनका पूरा सिस्टम शिक्षा को पसंद नहीं करता, क्योंकि वह नहीं चाहता कि छात्र सोचें और सवाल पूछें।

राहुल गांधी ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए की। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई जाने वाली कुछ प्रमुख बुद्धिजीवियों और सामाजिक चिंतकों की किताबें जांच के दायरे में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से हुई पूछताछ के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने कुछ केंद्रीय विश्वविद्यालयों से उनके पाठ्यक्रमों से संबंधित जानकारी मांगी है।

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में डॉ. भीमराव आंबेडकर की किताब ‘जाति का विनाश’ और ज्योतिबा फुले की ‘गुलामगिरी’ समेत कुछ पुस्तकों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि एक गुमनाम सोशल मीडिया पोस्ट में इन किताबों को युवाओं के दिमाग में ‘जहर’ घोलने वाली किताबें बताया गया था। राहुल गांधी के मुताबिक, इसके अगले दिन प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों से उनके पाठ्यक्रमों और इन पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या से जुड़ी जानकारी मांगी।

राहुल गांधी ने अपने बयान में पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री की ओर से पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं दिखाई जाती, लेकिन सोशल मीडिया पर किए गए ऐसे पोस्ट के बाद सरकार की ओर से तुरंत कार्रवाई की जाती है। ये आरोप राहुल गांधी की ओर से लगाए गए हैं।

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में केंद्रीय विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में शामिल सामाजिक चिंतकों और उनकी पुस्तकों को लेकर उठे सवाल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय की ओर से विश्वविद्यालयों से ऐसे पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी मांगी गई है, जिनमें आंबेडकर, ज्योतिबा फुले और अन्य सामाजिक विचारकों के लेखन शामिल हैं। केंद्र की ओर से इस प्रक्रिया को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में इसे पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी जुटाने की कार्रवाई के रूप में बताया गया है।

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है। एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के महिला सुरक्षा से जुड़े विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करते हुए सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने और अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की मांग की थी।

फिलहाल आंबेडकर, फुले और अन्य सामाजिक चिंतकों की पुस्तकों से जुड़े पाठ्यक्रमों पर केंद्र की जानकारी मांगने की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राहुल गांधी ने इसे सामाजिक न्याय और शिक्षा से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि इस मामले में आगे की स्थिति संबंधित मंत्रालय और विश्वविद्यालयों से मिलने वाली जानकारी तथा जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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