पंजाब कौशल विकास मिशन द्वारा जंगी विधवाओं और जेसीओज के परिवारों को दी जाएगी मुफ्त कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण

पंजाब कौशल विकास मिशन द्वारा जंगी विधवाओं और जेसीओज के परिवारों को दी जाएगी मुफ्त कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण

* पीएसडीएम द्वारा कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा की मौजूदगी में भारतीय सेना की पैंथर इन्फैंट्री डिवीजन, अमृतसर के साथ समझौता हस्ताक्षरित

* पहले चरण के तहत सेवा कर रहे और सेवानिवृत्त सैनिकों के 240 आश्रितों को दिया जाएगा प्रशिक्षण: अमन अरोड़ा

रिपोर्ट: कोमल रमोला
चंडीगढ़, 22 अगस्त:

आद्योगिक क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार उम्मीदवारों को कुशल बनाने और रोजगार के उपलब्ध अवसरों के मुताबिक उनकी योग्यता में सुधार करने के लिए पंजाब कौशल विकास मिशन (पीएसडीएम) ने भारतीय सेना की पैंथर इन्फैंट्री डिवीजन, अमृतसर के साथ एक समझौता पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसका उद्देश्य अमृतसर में रह रही वीर नारियों, रक्षा कर्मियों, सेवा कर रहे और सेवानिवृत्त जेसीओज के परिवारों, जंगी विधवाओं और सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को मुफ्त कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।

आज यहां पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा की मौजूदगी में इस समझौते पर पीएसडीएम की मिशन डायरेक्टर आईएएस मिस अमृत सिंह और भारतीय सेना की अमृतसर पैंथर इन्फैंट्री डिवीजन के 15वें डीओयू के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मिलन पांडे द्वारा हस्ताक्षर किए गए।

इस साझेदारी के लिए पी एस डी एम की सराहना करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि पहले चरण के तहत सेवा कर रहे और सेवानिवृत्त सैनिक जवानों के कुल 240 आश्रितों को भारतीय सेना की पैंथर इन्फैंट्री डिवीजन, अमृतसर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब कौशल विकास मिशन राज्य के युवाओं को उद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार कुशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मिशन द्वारा सेवा कर रहे और सेवानिवृत्त सैनिकों के आश्रितों की सहायता के लिए भारतीय सेना के साथ की गई यह साझेदारी इस दिशा में एक बड़ा कदम है।

पीएसडीएम के डायरेक्टर ने बताया कि संकल्प योजना के तहत दी जाने वाला यह प्रशिक्षण ब्यूटी थेरेपिस्ट, डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर, सेल्फ-एम्प्लॉइड टेलर और चाइल्ड केयर टेकर (नॉन-क्लिनिकल) जैसे कोर्स पर केंद्रित होगा। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवारों के कौशल और विशेषज्ञता को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार निखारना है और उन्हें बेहतर ढंग से अपनी आजीविका कमाने के योग्य बनाना है।
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