राज्यपंजाबपंजाबराज्य

Punjab : सुखबीर बादल के आरोपों पर बलतेज पन्नू का तीखा पलटवार, कहा- अपनी याददाश्त सुधारें बादल, बेअदबी का काला इतिहास आपका है

Chandigarh News : आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार किया है। पन्नू ने कहा कि सुखबीर बादल बेअदबी की घटनाओं के लिए ‘आप’ सरकार को जिम्मेदार ठहरा कर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे यह भूल गए हैं कि पंजाब की जनता उनकी असलियत से अच्छी तरह वाकिफ है।

बलतेज पन्नू ने सुखबीर बादल की याददाश्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुखबीर बादल कह रहे हैं कि ‘आप’ के आने के बाद पंजाब बेअदबी शुरू हुई। शायद वे भूल गए हैं कि 1986 में जब नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई और इंसाफ मांग रहे 4 नौजवान शहीद हुए, तब पंजाब में किसकी सरकार थी? क्या तब आम आदमी पार्टी पंजाब में थी? पंजाब के लोग भूले नहीं हैं कि उस खूनी मंजर के पीछे कौन सी ताकतें थीं।

पन्नू ने 2015 की घटनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि जून 2015 में बुर्ज जवाहर सिंह वाला से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी हुआ, तब सत्ता में कौन था? जून में चोरी हुई बीड़ की बेअदबी अक्टूबर 2015 में की गई। इस पूरे दौर में पंजाब की सत्ता पर बादल परिवार का कब्जा था। क्या उस वक्त पंजाब में ‘आप’ की सरकार थी? सच तो यह है कि आपकी सरकार ने ही दोषियों को संरक्षण दिया।

पन्नू ने आगे कहा कि कोटकपूरा के बत्तियां वाले चौक पर शांतिपूर्ण विरोध कर रही संगत पर पुलिस ने बर्बरता की और बहबल कलां में गोलीबारी में दो निर्दोष सिख शहीद हुए। जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन और जस्टिस जोरा सिंह कमीशन की रिपोर्टें साफ तौर पर इशारा करती हैं कि इन घटनाओं के पीछे असली चेहरे कौन थे। आज सुखबीर सिंह बादल खुद कोटकपूरा मामले में जमानत पर बाहर हैं। उनके साथ सुमेध सैनी, चरणजीत शर्मा और उमरानंगल जैसे लोग भी जमानत पर हैं, जो इनके शासनकाल के काले कारनामों की गवाही देते हैं।

बलतेज पन्नू ने कहा कि 2007 से 2017 तक का अकाली दल का शासन पंजाब के इतिहास का काला अध्याय है। पंजाब को नशे, भ्रष्टाचार और बेअदबी के काले दौर में धकेलने के पीछे कोई और नहीं, बल्कि सुखबीर बादल और उनकी पार्टी ही है। अपनी जिम्मेदारियों से भागने के लिए अब वे ‘आप’ पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, लेकिन पंजाब की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

Related Articles

Back to top button