Priest Kidnapping: मनोकामना पूरी नहीं हुई तो पुजारी को जौनपुर में बनाया बंधक, दो आरोपी गिरफ्तार
नोएडा। पूजा कराने के बाद मनोकामना पूरी नहीं होने पर पुजारी को बंधक बनाकर उनके परिवार से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जौनपुर में दो लोगों ने नोएडा निवासी पुजारी को बंधक बना लिया और पूजा पर खर्च की गई रकम वापस करने का दबाव बनाया। सेक्टर-113 थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुजारी को सकुशल बरामद कर उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जौनपुर निवासी आशीष यादव उर्फ बाबा और प्रवेश यादव उर्फ गोरे के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान आशीष के कब्जे से एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए, जबकि प्रवेश के पास से एक चाकू मिला है।
सेक्टर-73 के सर्फाबाद गांव में रहने वाले अनिल कुमार तिवारी पूजा-पाठ कराते हैं। पांच सितंबर 2026 को वह धार्मिक अनुष्ठान कराने के लिए जौनपुर गए थे। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने उन्हें बंधक बना लिया और उनके परिवार से रुपये की मांग शुरू कर दी।
कई दिनों तक पुजारी के वापस नहीं लौटने पर परिवार चिंतित हो गया। नौ सितंबर को उनके बेटे ने सेक्टर-113 थाने पहुंचकर पिता के लापता होने की सूचना दी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के साथ गोपनीय सूचनाओं की मदद से पुजारी और आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अनिल कुमार तिवारी इससे पहले भी आरोपियों के यहां तीन बार पूजा-पाठ करा चुके थे। चौथी बार भी उन्हें पूजा के लिए जौनपुर बुलाया गया था। आरोप है कि पूजा कराने के बावजूद आरोपियों की मनोकामना पूरी नहीं हुई तो उन्होंने पुजारी से पूजा पर खर्च किए गए रुपये वापस मांगने शुरू कर दिए।
पुजारी द्वारा तत्काल रकम देने में असमर्थता जताने पर आरोपियों ने उन्हें कथित तौर पर बंधक बना लिया। पुलिस के मुताबिक लगातार दबाव बनाए जाने पर पुजारी ने आरोपियों से कहा कि यदि वे उनके साथ नोएडा चलें तो वहां पहुंचने के बाद रकम का इंतजाम किया जा सकता है। इसके बाद दोनों आरोपी पुजारी को लेकर नोएडा के लिए रवाना हो गए।
इसी दौरान पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी मिल गई। सेक्टर-113 थाना पुलिस ने सर्फाबाद स्थित मुखिया मार्केट के पास कच्चे रास्ते पर घेराबंदी कर आशीष यादव और प्रवेश यादव को पकड़ लिया। पुलिस ने उनके साथ मौजूद अनिल कुमार तिवारी को भी सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुजारी को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस मामले में अन्य लोगों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है।


