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Noida Rain: पहली ही बारिश में डूबा नोएडा, जलभराव से सड़कों पर थमी रफ्तार, प्राधिकरण के दावों पर उठे सवाल

Noida Rain: पहली ही बारिश में डूबा नोएडा, जलभराव से सड़कों पर थमी रफ्तार, प्राधिकरण के दावों पर उठे सवाल

नोएडा, 10 जुलाई: मॉनसून की पहली तेज बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं नोएडा की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोलकर रख दी। महज कुछ घंटों की बारिश में शहर के प्रमुख सेक्टर, सड़कें, अंडरपास और कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। जगह-जगह जलभराव, ट्रैफिक जाम, सड़क धंसने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाओं ने नोएडा विकास प्राधिकरण की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में पूरी व्यवस्था चरमराती नजर आई।

पिछले 48 घंटों में जिले में 151.5 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते सेक्टर-62, सेक्टर-104, सेक्टर-107, सेक्टर-108, सेक्टर-116, सेक्टर-122, सेक्टर-31, फिल्म सिटी, बरौला गांव, खोड़ा, लेबर चौक, सेक्टर-38ए और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। कई स्थानों पर पानी इतना भर गया कि दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच सड़क में बंद पड़ गए और लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, महामाया अंडरपास और शहर के कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। महामाया अंडरपास से गुजर रही एक कार के साइलेंसर में पानी भर जाने से वाहन बीच रास्ते में बंद हो गया। सेक्टर-18, सेक्टर-108 सेंट्रल पार्क के बाहर 24 मीटर रोड और फिल्म सिटी क्षेत्र में भी भारी जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को घंटों की देरी हुई, जबकि कई लोग वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेने को मजबूर हुए।

बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। सेक्टर-116 में ट्रांसफार्मर के आसपास पानी भर जाने से कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा कई अन्य इलाकों में भी बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं। कुछ स्थानों पर नालों का गंदा पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का आरोप है कि ड्रेनेज सिस्टम की समय पर सफाई नहीं होने के कारण हर साल ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है।

भारी बारिश के दौरान सेक्टर-62 स्थित iForte बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा भी भरभराकर गिर गया, जिससे नीचे खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक निर्माणाधीन परियोजना की बाउंड्री वॉल गिरने और सड़क धंसने की घटना भी सामने आई। हालांकि दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इन हादसों ने निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस बीच बारिश के दौरान राइड बुकिंग ऐप्स पर किराए में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिली। लोगों ने आरोप लगाया कि सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक किराया वसूला गया। वहीं जलभराव के कारण कई इलाकों में लोगों को पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि मॉनसून की शुरुआत में ही यह स्थिति है, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। नागरिकों ने नोएडा विकास प्राधिकरण से स्थायी समाधान, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है, ताकि हर साल बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।

 

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