Greater Noida Rain: बारिश के बीच जलभराव से निपटने के लिए फील्ड में डटे रहे प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी

Greater Noida Rain: बारिश के बीच जलभराव से निपटने के लिए फील्ड में डटे रहे प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी
नोएडा, 10 जुलाई: लगातार हो रही बारिश के बीच ग्रेटर नोएडा में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। बुधवार रात से शुरू हुई तेज बारिश के बाद बृहस्पतिवार सुबह से ही प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच गए और जलभराव वाले स्थानों की निगरानी के साथ पानी निकासी का कार्य शुरू कराया। कई स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकाला गया, जबकि जहां भी नालियां और ड्रेनेज सिस्टम बाधित मिले, उन्हें तत्काल साफ कराया गया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने बारिश को देखते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में मौजूद रहने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जलभराव की शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीईओ के निर्देशों के बाद पूरे दिन अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण करते रहे।
वर्क सर्किल की टीमों के साथ एसीईओ, महाप्रबंधक और उप महाप्रबंधक भी फील्ड में सक्रिय रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण किया और जहां आवश्यकता महसूस हुई वहां पंप लगवाकर पानी की निकासी कराई। इसके अलावा सड़कों के किनारे बनी नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई भी तत्काल कराई गई ताकि बारिश का पानी तेजी से निकल सके।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने सेक्टर ईकोटेक-2 और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं एसीईओ सुमित यादव ने ईकोटेक-3 और 130 मीटर रोड का निरीक्षण किया। महाप्रबंधक एके सिंह और उप महाप्रबंधक विजय कुमार रावल भी दिनभर विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद रहे। विजय कुमार रावल ने बैनेट विश्वविद्यालय, सिरसा गोलचक्कर, ट्रकर्स प्वाइंट और आसपास के इलाकों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्राधिकरण की सभी वर्क सर्किल टीमें लगातार अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की निगरानी करती रहीं। जलभराव से संबंधित हर अपडेट वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा किया गया ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। सभी प्रमुख गोलचक्करों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष टीमें तैनात की गईं, जिससे पानी जमा होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वर्क सर्किल और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें भी सक्रिय रहीं। ग्रामवार तय किए गए शेड्यूल के अनुसार नालों की सफाई का अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित रूप से सफाई कार्य जारी रहेगा।
इस अभियान में वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम, नागेंद्र सिंह, नरोत्तम सिंह, प्रभात शंकर सहित सभी वर्क सर्किल के प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और सुपरवाइजर भी पूरे दिन फील्ड में मौजूद रहे। प्राधिकरण का कहना है कि मानसून के पूरे मौसम में इसी तरह निगरानी जारी रहेगी ताकि नागरिकों को जलभराव की समस्या से जल्द से जल्द राहत मिल सके।





