Noida Road Safety: घने कोहरे से पहले नोएडा की सड़कों को सुरक्षित बनाने की तैयारी, चरखा चौराहे का होगा नवीनीकरण और लगेंगे रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड
नोएडा। नोएडा में सर्दियों के दौरान घने कोहरे में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने तैयारी शुरू कर दी है। शहर के प्रमुख मार्गों और एक्सप्रेसवे से जुड़े इलाकों में यातायात सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके तहत
सेक्टर-94 स्थित चरखा चौराहे को रिन्यू किया जाएगा। यह चौराहा पहले से ही ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित है। यहां यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़े सुधार कार्य कराने के लिए प्राधिकरण ने टेंडर जारी कर दिए हैं। इसके रिन्यूवेशन में करीब 28 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। सेक्टर-94 का चरखा चौराहा नोएडा के सबसे व्यस्त यातायात वाले स्थानों में शामिल है।
यहां से बड़ी संख्या में वाहन नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और आसपास की लिंक सड़कों की ओर आते-जाते हैं। खासकर पीक आवर्स में यहां भारी ट्रैफिक रहता है। सर्दियों में कोहरे के दौरान विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में प्राधिकरण ने ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने के लिए इसके रिन्यूअल की योजना तैयार की है।
प्राधिकरण की योजना केवल चरखा चौराहे तक सीमित नहीं है। सेक्टर-125, 126 और 127 के प्रमुख मार्गों पर भी रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों का उद्देश्य कोहरे और रात के समय वाहन चालकों को सड़क, मोड़, चौराहे और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की स्पष्ट जानकारी देना है।
घने कोहरे में सामान्य साइन बोर्ड दूर से दिखाई नहीं देते। ऐसे में रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड वाहनों की हेडलाइट पड़ने पर चमकेंगे और चालकों को पहले से दिशा और सड़क की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। इससे अचानक ब्रेक लगाने और वाहनों के टकराने जैसी घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।
सेक्टर-94 और इसके आसपास का इलाका एक्सप्रेसवे से जुड़ा महत्वपूर्ण यातायात कॉरिडोर है। यहां से एक्सप्रेसवे और लिंक रोड के बीच लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है। भारी ट्रैफिक के कारण किसी एक स्थान पर दुर्घटना होने पर इसका असर पूरे रूट पर पड़ सकता है। इसलिए प्राधिकरण ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दे रहा है।
कोहरे के दौरान तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए जल्द ही नोएडा प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक भी होगी। बैठक में शहर की प्रमुख सड़कों और संवेदनशील रूटों पर वाहनों की स्पीड लिमिट तय करने या मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा पर चर्चा की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि सड़क सुरक्षा के लिए केवल साइन बोर्ड लगाना पर्याप्त नहीं है। कोहरे में कम विजिबिलिटी के दौरान वाहनों की गति नियंत्रित करना भी जरूरी है। इसके लिए सड़क की स्थिति, ट्रैफिक का दबाव और दुर्घटना संभावित स्थानों को ध्यान में रखकर व्यवस्था बनाई जाएगी।





