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Bengal Handicrafts Noida: दिवाली बाजार में बंगाल की पारंपरिक हस्तशिल्प कला की धूम, बांस और धान की सजावट बनी आकर्षण

Bengal Handicrafts Noida: दिवाली बाजार में बंगाल की पारंपरिक हस्तशिल्प कला की धूम, बांस और धान की सजावट बनी आकर्षण

दिवाली के मद्देनजर नोएडा के बाजारों में रंग-बिरंगी झालरों, लाइटों और पारंपरिक सजावटी सामान की बिक्री बढ़ रही है। पाई-2 बाजार में इस बार बंगाल की लोककला से बने उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बांस, मिट्टी और धान की बालियों से तैयार वस्तुओं में पारंपरिक कला और धार्मिक मान्यताओं का मेल देखने को मिल रहा है।

बाजार में बांस के सूप पर शोलापीठ और मिट्टी से बनाई गई मां काली तथा मां दुर्गा की आकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। सूप पर बनी मां काली की सजावटी आकृति की कीमत 400 रुपये बताई गई है। वहीं असली धान की बालियों से मुकुट के आकार में तैयार फ्रेम 250 रुपये में उपलब्ध है।

दुकानों पर पूजा के लिए धान की बालियां और धान की फसल भी रखी गई है। बंगाल, ओडिशा और बिहार की कुछ परंपराओं में दिवाली के अवसर पर धान की बालियां मां लक्ष्मी को अर्पित की जाती हैं। इन्हें नई फसल, खुशहाली और समृद्धि के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

दुकानदार संजय प्रमानिक ने बताया कि इस बार बंगाल की पारंपरिक चावल-शिल्प कला से तैयार सामान लाया गया है। उनके अनुसार ग्राहक सामान्य सजावट से अलग ऐसी वस्तुओं की तलाश कर रहे हैं जिनमें स्थानीय शिल्प और सांस्कृतिक पहचान भी दिखाई दे। बांस, मिट्टी और धान से तैयार उत्पाद इसी वजह से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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