Friday, 6 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Chandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमाBulandshahr : खुर्जा के डाबर गांव में नकली पनीर की फैक्ट्री पर छापा, 10 क्विंटल माल सीजChandigarh : मेरे घर या अस्पताल से एक भी पैसा बरामद नहीं हुआ; 42 घंटे की रेड के बाद ईडी खाली हाथ लौटी- डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ाCensus 2027 Self Enumeration: जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू, डीएम मेधा रूपम ने दिए जागरूकता अभियान के निर्देशNoida Festive Security: त्योहारों पर पुलिस अधिकारियों ने की पैदल गश्त, ज्वैलर्स की दुकानों के सीसीटीवी कैमरे जांचेNoida GRAP Violation: ग्रैप प्रतिबंधों के बावजूद सेक्टर-113 में निर्माण कार्य जारी, बिल्डर पर 25 लाख जुर्माने की संस्तुतिGreater Noida Vending Zone: 85 वेंडरों को मिले प्लेटफॉर्म, अब सड़क किनारे नहीं लगानी पड़ेगी रेहड़ीGreater Noida Abadi Plot: सिरसा और डाढ़ा के 127 किसानों को दिवाली पर मिला छह फीसदी आबादी भूखंड का तोहफा

Noida Child PGI: चाइल्ड पीजीआई अस्पताल में बड़ा हादसा टला, वार्ड में बेड पर गिरी छत, बाल-बाल बचा मासूम

Noida Child PGI, Noida News, Child PGI Hospital,

Noida Child PGI: चाइल्ड पीजीआई अस्पताल में बड़ा हादसा टला, वार्ड में बेड पर गिरी छत, बाल-बाल बचा मासूम

रिपोर्ट: अजीत कुमार

नोएडा। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई अस्पताल में गुरुवार को बड़ा हादसा टल गया। अस्पताल के एक वार्ड में अचानक छत का बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे मरीज के बेड पर गिर गया। राहत की बात यह रही कि बेड पर मौजूद मासूम बच्चे की जान बच गई और वह बाल-बाल बच निकला। घटना के बाद वार्ड में अफरा-तफरी मच गई और अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजन भी घबरा गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वार्ड में इलाज चल रहा था, तभी अचानक छत का प्लास्टर और कंक्रीट का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा। मलबा सीधे उस बेड पर आ गिरा, जिस पर एक बच्चा भर्ती था। मौके पर मौजूद डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों ने तुरंत बच्चे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और वार्ड को खाली कराया।

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। अस्पताल में भर्ती बच्चों के परिजनों ने भवन की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिस अस्पताल में गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज किया जाता है, वहां इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है और भविष्य में इससे बड़ा हादसा भी हो सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की इमारतों के रखरखाव और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि यदि उस समय बच्चा या उसके साथ मौजूद परिजन मलबे की चपेट में आ जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। साथ ही भवन की संरचनात्मक स्थिति की भी जांच कराए जाने की संभावना है।

फिलहाल घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस हादसे ने अस्पताल में भर्ती मासूम मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने भवन की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें