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शहीद-ए-आजम भगत सिंह द्वारा देश के लोकतंत्र के लिए दी कुर्बानी आज खतरे में, आओ एकजुट हो इन तानाशाही लीडरों से इस लोकतंत्र को बचाएं- मुख्यमंत्री भगवंत मान

 

चंडीगढ़. 7 अप्रैल (कोमल रमोला ) आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में रविवार को खटकड़ कलां में मुख्यमंत्री भगवंत मान, कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने एक दिन का सामूहिक उपवास व्रत रखा। उन्होंने भाजपा पर जमकर हमला बोला और कहा कि यह सामूहिक व्रत तानाशाहों को एक संदेश है।

उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आजम शहीद भगत सिंह जी के गांव खटकड़ कलां में हमलोग तानाशाही के खिलाफ इकट्ठे हुए हैं। आज पढ़े लिखे और देश को प्यार करने वाले लोगों को लोकतंत्र खत्म होने का डर सता रहा है।

देश के शहीदों इस इस बात का डर था कि आजादी के बाद देश कौन से हाथों में जाएगा। आज उनकी चिंता और डर सही साबित हो गया। अंग्रेज गए और काले अंग्रेज आ गए। ये लोग फिर लूटने लग गए और लूटने के बाद लोगो को जेल में बंद करने लग गए। विरोधी पार्टी की आवाजों को बंद करने लग गए।

आज शहीद–ए–आज़म भगत सिंह की आत्मा तड़प रही होगी कि क्या इसी आजादी के लिए 23 साल की उम्र में शहीदी दी थी। अंग्रेजो के समय जब शहीद भगत सिंह जेल में थे तो वह जेल से खुद बोलते थे और अपने वकील खुद बने थे। वहां मीडिया अलाउड होता था। वह जो बोलते थे वह अगले दिन सभी अखबारों में छपता था। क्या आज छपवा कर दिखा सकते हो? आज बाहर कोई खबर ही नहीं आने देते। सिर्फ जो मनपसंद खबरें होती है वही बाहर आने देते हैं। अगर कोई भी बुरा बोल गया तो वह खबर बाहर नहीं आती।

मुझे बहुत बुजुर्ग मिलते हैं वह मुझे बोलते हैं कि इससे तो अंग्रेजों का राज ही सही था। यह बात सुनकर मेरा रोम रोम कांप उठता है। आज देश का लोकतंत्र खतरे में है और शहीदों की कुर्बानी भी खतरे में है। इसी जगह से हमने सबसे पहले फैसला यही किया था कि पंजाब के किसी भी सरकारी दफ्तर में मुख्यमंत्री की फोटो नहीं लगेगी। वहां पर शहीद ए आजम भगत सिंह और भीम राव अंबेडकर की फोटो लगेगी। ताकि आजादी और संविधान को बचाया जा सके।

उन्होंने कहा कि ये लोग देश के मालिक बनकर बैठ गए हैं। वे लोग हमारे शहीदों की झांकियों को 26 जनवरी की परेड से बाहर निकलते हैं। ये कौन हैं शहीदों की कुर्बानियों को रिजेक्ट करने वाले। यह कौन होते हैं अपनी मनपसंद की झांकियां 26 जनवरी को दिखाने वाले।उन्होंने कहा कि इस देश में कुछ सही नहीं चल रहा। इसलिए आओ इकट्ठे होकर शहीदों के सपनों की जो आजादी है उसे आम घरों तक पहुंचाने की कोशिश करें।

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी 10 साल में नेशनल पार्टी बन गई इसी बात का डर उनको सताता रहता है। डर के कारण इन्होंने अब तरीका निकाला कि जो भी नेशनल लेवल के लीडर है उन पर छापे मरवाओ और उन्हें अंदर करके उनकी आवाज बंद कर दो।

ये चाहते हैं कि कोई आवाज ऐसी न हो जो हमारी आवाज को रोक सके। अरविंद केजरीवाल की आवाज पूरे देश में फैलती थी। जब भी वह बोलते थे सच बोलते थे। आज भी जब बोलते हैं सच बोलते हैं। हम भी उनके सिपाही हैं, वरना हमें किसने पूछना था। आज हम मंत्री अध्यक्ष बन कर बैठे हैं सिर्फ इसलिए बने हैं क्योंकि अरविंद केजरीवाल ने आम घरों के बेटे बेटियों को राजनीति में लेकर आए और इन कुर्सियों पर बिठाया।

उन्हें लगता है अरविंद केजरीवाल को जेल में बंद करके उनकी आवाज दबा देंगे। लेकिन अरविंद केजरीवाल एक व्यक्ति नहीं है वह एक सोच है। अरविंद केजरीवाल को तो पकड़ लोगे लेकिन उनकी आवाज को कैसे बंद करोगे जो देश में लाखों करोड़ों केजरीवाल पैदा हो गए उनका क्या करोगे?

अरविंद केजरीवाल ने 2022 चुनाव प्रचार गारंटी शब्द का इस्तेमाल किया था। हम गारंटी देते थे। पहली गारंटी बिजली फ्री, दूसरी गारंटी नौकरियां देंगे, तीसरी गारंटी आम आदमी क्लीनिक खोले जाएंगे, चौथी गारंटी स्कूल शानदार बना देंगे, पांचवी गारंटी औद्योगिक घरानों को यहां पर लेकर आएंगे, छठी गारंटी राशन आपके घर पर मिला करेगा, सातवीं गारंटी सरकार गांवो से चला करेगी आदि। जब लोग हमारी गारंटियों पर यकीन करने लग गए क्योंकि पहले पंजाब और फिर दिल्ली में गारंटी पूरी होने लग गई तो फिर ये लोग भी गारंटी पर आ गए। लेकिन इनकी गारंटी जुमले होते हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी जी हर रोज हर जगह जाकर बोलते हैं कि भ्रष्टाचारियों को छोडूंगा नहीं। उनका कहने का मतलब है देश में जो भी भ्रष्टाचारी है उसको बीजेपी में शामिल कर लूंगा। इनके पास वाशिंग मशीन है। भ्रष्टाचारियों को उसमें धो लेते हैं उसके बाद बोलते हैं कि तू सही हो गया।

उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह जी को तो वेश बदलकर आजादी दिलवानी पड़ी थी। वह ऐसे रेलिया नहीं कर सकते थे। अब तो कोई भी वेश बदलने की जरूरत नहीं है। सिर्फ झाड़ू का बटन दबाना है, समझ लेना भगत सिंह जी की क्रांति आ गई। उनकी आत्मा को सुकून मिलेगा। हम आजादी की जंग ही लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज केंद्र पंजाब के साथ धक्का कर रहा है। 5500 करोड रुपए तो सिर्फ मंडी को जाने वाली सड़कों के पैसे रोककर बैठा है। मैं अकेला लड़ रहा हूं। सुप्रीम कोर्ट जाता हूं। गवर्नर से लड़ता हूं। बीजेपी से लड़ रहा हूं।

उन्होंने कहा कि जेल जाने से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हमारा लीडर पहली बार जेल नहीं गया है। पंजाब ने बहुत बड़ी-बड़ी लहरें जीती है। चाहे आजादी की जंग हो या हरा इंकलाब हो। पंजाब हमेशा लीड करता है। फिर पीछे देश चलता है। हमें अरविंद केजरीवाल का साथ देना और उनकी सोच को आगे बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि जहां पर भाजपा सरकार नहीं है उसे तंग किया जा रहा है। मुझे भी हर बात पर सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ता है। गवर्नर तंग कर रहा है और हमारा फंड रोक रखा है। अरविंद केजरीवाल को चुनाव के समय अंदर कर दिया क्योंकि आम आदमी पार्टी भाजपा के लिए खतरा बन सकती है।

यह ऊपर ऊपर से बोल रहे हैं कि 400 पार, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। लोग मन बना चुके हैं कि इस धक्के शाही के खिलाफ वोट करेंगे। इन्होंने अब तक विधायक सांसद खरीदने के अलावा किया ही क्या है? 400 पार और 300 पार एक जुमला है। जुमले पर यकीन नहीं करना चाहिए। अगर 400 पार का भरोसा है तो दूसरी पार्टियों के मंत्री विधायक तोड़ क्यों रहे हो और विपक्षी नेताओं को जेल में क्यों डाल रहे हो? दरअसल इनको अंदर से हारने का डर सता रहा है।

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संवाददाता

Komal Ramola

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