Bulandshahar (अवनीश त्यागी) : दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में सोमवार को 14वें जेम्स अवार्ड समारोह और महाराज अजमीढ़ जयंती का भव्य आयोजन किया गया। समारोह विश्व प्रसिद्ध वेदाचार्य डॉ. सत्य प्रकाश आर्य के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें शिक्षा, संस्कार, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया गया।

समारोह में बुलंदशहर के स्वर्णकार समाज के युवा राष्ट्रीय महामंत्री अभिनव वर्मा को समाज के उत्थान में किए गए योगदान के लिए 14वें जेम्स अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया। उनके साथ ही देश विदेश की अनेक प्रतिभाओं को भी उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। अभिनव वर्मा को सम्मानित किए जाने से बुलंदशहर सहित पूरे उत्तर प्रदेश के स्वर्णकार समाज में हर्ष का माहौल है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और पूर्व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति केजी बालाकृष्णन तथा मालदीव के शिक्षा मंत्री डॉ. अब्दुल्लाह रशीद अहमद उपस्थित रहे। उनके साथ मालदीव की वरिष्ठ शिक्षा प्रतिनिधि मरियम नासिर भी मौजूद रहीं। इस अवसर पर सामाजिक उत्थान, शिक्षा में युवाओं की भूमिका, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में समाज की भागीदारी पर विशेष चर्चा की गई।
समारोह में नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी घनश्याम सोनी, बिहार के पूर्व कैबिनेट मंत्री दद्दन पहलवान, अपर जिला न्यायाधीश अनिल कुमार यादव, अखिल भारतीय मैढ़ क्षत्रिय समाज दिल्ली के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सजन लावट, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय वर्मा, आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष विनोद वर्मा, तिगांव पंचायत सदस्य राजेश वर्मा, दिल्ली सीताराम बाजार के वरिष्ठ स्वर्णकार नेता योगेश वर्मा, सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता विकास वर्मा, भाजपा नेता हर्षित वर्मा और डॉ. चिराग वर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। विभिन्न धर्मों के धर्माचार्यों और संतों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।
मालदीव के शिक्षा मंत्री डॉ. अब्दुल्लाह रशीद अहमद ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार है और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों से जोड़ना उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केजी बालाकृष्णन ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों के सम्मान से ही सुनिश्चित होती है। आयोजक डॉ. सत्य प्रकाश आर्य ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिभाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं।





