India Ukraine Peace Plan: यूक्रेन ने भारत की पहल को बताया व्यापक, ऊर्जा और ब्लैक सी में युद्धविराम पर जोर
रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की कोशिशों के बीच यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भारत की ओर से रखे गए प्रस्ताव को अब तक मिले युद्धविराम प्रस्तावों में सबसे व्यापक बताया है। उन्होंने कहा कि भारत के सुझाव में संघर्ष के कई पहलुओं को शामिल किया गया है और यूक्रेन अलग-अलग प्रारूपों में युद्धविराम पर विचार करने को तैयार है।
सिबिहा के अनुसार यूक्रेन को भारत के साथ तुर्किये, मिस्र और अमेरिका की ओर से भी युद्धविराम संबंधी प्रस्ताव मिले हैं। कीव में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने भारत के प्रस्ताव को व्यापक बताया और कहा कि नई दिल्ली ने संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में व्यापक भूमिका निभाने की इच्छा जताई है।
यूक्रेन जिन मुद्दों पर विशेष जोर दे रहा है, उनमें ऊर्जा बुनियादी ढांचे और बंदरगाहों पर हमले रोकना तथा ब्लैक सी में युद्धविराम शामिल है। सिबिहा ने कहा कि अग्रिम मोर्चे पर बिना शर्त युद्धविराम समेत कई विकल्पों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन ऊर्जा और बंदरगाहों से जुड़ी संरचनाओं तथा ब्लैक सी की स्थिति को भी किसी व्यवस्था में शामिल करना जरूरी होगा।
यूक्रेनी विदेश मंत्री ने बताया कि तुर्किये और मिस्र की ओर से भी ब्लैक सी में युद्धविराम का प्रस्ताव सामने आया है। इन पहलों का एक उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में सुरक्षित परिस्थितियां बनाना और यूक्रेन से अनाज के निर्यात के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। अमेरिका की ओर से ऊर्जा क्षेत्र पर हमले रोकने से जुड़ा प्रस्ताव भी बताया गया है।
इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शांति प्रयासों का सकारात्मक उल्लेख किया है। पुतिन ने कहा है कि मोदी लगातार संघर्ष समाप्त करने की जरूरत उठाते रहे हैं और उनके पास दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान को लेकर विचार हैं।
भारत लंबे समय से रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान की वकालत करता रहा है। विदेश मंत्रालय की ओर से भी पहले कहा गया है कि टिकाऊ शांति बातचीत तथा दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य व्यवस्था से ही हासिल की जा सकती है। नई दिल्ली ने दोनों देशों के साथ संपर्क बनाए रखने और शांतिपूर्ण समाधान में योगदान देने की बात कही है।
यूक्रेन के ताजा बयान से पता चलता है कि भारत की पहल पर कीव में चर्चा हो रही है। हालांकि किसी प्रस्ताव को वास्तविक युद्धविराम या व्यापक शांति समझौते में बदलने के लिए रूस और यूक्रेन दोनों की सहमति तथा आगे की बातचीत जरूरी होगी। फिलहाल अलग-अलग देशों की पहलों पर विचार जारी है और अंतिम रूप से किस व्यवस्था पर सहमति बनेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


