GLP-1 Drugs Alert: वजन घटाने और डायबिटीज की ‘मैजिक ड्रग’ पर सरकार सख्त, बिना डॉक्टर सलाह इस्तेमाल खतरनाक

GLP-1 Drugs Alert: वजन घटाने और डायबिटीज की ‘मैजिक ड्रग’ पर सरकार सख्त, बिना डॉक्टर सलाह इस्तेमाल खतरनाक
नई दिल्ली में टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे के इलाज में तेजी से लोकप्रिय हो रही जीएलपी-1 दवाओं को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। इन दवाओं के बिना डॉक्टर की सलाह उपयोग को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम से जोड़ते हुए नियामक एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है।
जीएलपी-1 (ग्लूकागॉन-लाइक पेप्टाइड-1) दवाएं शरीर में प्राकृतिक हार्मोन की तरह काम करती हैं। ये इंसुलिन के स्राव को बढ़ाती हैं, ग्लूकागॉन को कम करती हैं और भूख को नियंत्रित करती हैं, जिससे पेट देर से खाली होता है और वजन घटाने में मदद मिलती है। इसी कारण इनका उपयोग डायबिटीज के साथ-साथ मोटापे के इलाज में भी तेजी से बढ़ा है।
हाल के समय में इन दवाओं का उपयोग सिर्फ चिकित्सकीय जरूरतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई लोग इन्हें मोटापा कम करने के ‘शॉर्टकट’ के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर बीएमआई 25 से अधिक होने, फैमिली हिस्ट्री, हाई शुगर और खराब लाइफस्टाइल वाले लोग भी इन्हें बिना सलाह के लेने लगे हैं।
इसी वजह से देश में इन दवाओं की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, मेडिकल स्टोर और वेलनेस क्लीनिकों के जरिए बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री के मामले बढ़े हैं, जिससे दुरुपयोग की आशंका भी गंभीर हो गई है। इस पर दवा नियामक डीसीजीआई ने सख्त रुख अपनाते हुए नियम उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी किए हैं और लाइसेंस रद्द करने, जुर्माना लगाने तथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार इन दवाओं के सामान्य साइड इफेक्ट में मतली, उल्टी और चक्कर आना शामिल हैं, लेकिन गंभीर मामलों में पैंक्रियाटाइटिस, किडनी डैमेज, आंतों में रुकावट और थायरॉयड कैंसर का खतरा भी देखा गया है। इसी कारण इन दवाओं का प्रिस्क्रिप्शन केवल एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ ही दे सकते हैं।
सरकार ने साफ किया है कि इन दवाओं का उपयोग केवल डॉक्टर की निगरानी में ही सुरक्षित है। वजन घटाने के लिए इन्हें बिना सलाह या शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल करना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।





