EPFO: 31 अक्टूबर तक कर्मचारियों को भविष्य निधि से जोड़ने का मौका, 2009 से 2026 के बीच छूटे कर्मियों को मिलेगा लाभ
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं से कर्मचारी पंजीकरण अभियान-2026 का लाभ उठाकर ईपीएफ कवरेज से बाहर रह गए पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की अपील की है। अभियान के तहत 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच पात्र होने के बावजूद ईपीएफ से नहीं जुड़ सके कर्मचारियों का पंजीकरण कराया जा सकता है। इसके लिए 31 अक्टूबर 2026 तक का अवसर दिया गया है।
ईपीएफओ के मुताबिक इस अभियान का उद्देश्य ऐसे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है, जो पात्र होने के बावजूद पिछले वर्षों में कर्मचारी भविष्य निधि व्यवस्था के दायरे में नहीं आ सके। अभियान के माध्यम से कर्मचारियों को भविष्य निधि के साथ पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा जा सकेगा।
ईपीएफओ ने सभी पात्र प्रतिष्ठानों और नियोक्ताओं से अपने पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा करने को कहा है। नियोक्ताओं को यह पता लगाना होगा कि 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच उनके यहां काम करने वाला कोई पात्र कर्मचारी ईपीएफ कवरेज से बाहर तो नहीं रह गया। ऐसे कर्मचारियों की पहचान होने पर अभियान के तहत उनका नामांकन कराया जा सकता है।
अभियान में कुछ निर्धारित शर्तों के तहत कर्मचारी के उस अंशदान को लेकर भी राहत का प्रावधान किया गया है, जिसकी संबंधित अवधि में कर्मचारी के वेतन से कटौती नहीं की गई थी। इससे पुराने मामलों को नियमित करने में नियोक्ताओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ने की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। नियोक्ताओं को संबंधित कर्मचारियों का नामांकन करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न यानी ईसीआर के माध्यम से निर्धारित अंशदान जमा करना होगा। इससे पूरी प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN तैयार करने के लिए भी डिजिटल व्यवस्था अपनाई गई है। कर्मचारियों का यूएएन फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से उमंग ऐप पर बनाया जाएगा। इससे कर्मचारी की पहचान और पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
ईपीएफ से जुड़ने के बाद पात्र कर्मचारियों को केवल सेवानिवृत्ति के लिए भविष्य निधि जमा करने का लाभ ही नहीं मिलेगा, बल्कि निर्धारित नियमों के अनुसार पेंशन और बीमा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ भी मिल सकेगा। इस तरह अभियान का उद्देश्य लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से बाहर रहे कर्मचारियों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा तंत्र से जोड़ना है।
ईपीएफओ ने नियोक्ताओं से अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करने और अपने प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड की समय रहते जांच करने की अपील की है। पात्र कर्मचारियों की पहचान कर 31 अक्टूबर 2026 तक उनका नामांकन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।


