BRICS Sports: सदस्य देशों ने खेल सहयोग बढ़ाने का लिया संकल्प, संयुक्त घोषणा को सर्वसम्मति से मंजूरी

BRICS Sports: सदस्य देशों ने खेल सहयोग बढ़ाने का लिया संकल्प, संयुक्त घोषणा को सर्वसम्मति से मंजूरी

नई दिल्ली/विशाखापत्तनम। भारत की अध्यक्षता में विशाखापत्तनम में आयोजित ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों ने खेल क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। बैठक में खेल विकास, तकनीक, खेल विज्ञान, विनिर्माण और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने से जुड़ी संयुक्त घोषणा को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। भारत ने ब्रिक्स देशों के बीच खेल साझेदारी को केवल नीतिगत घोषणाओं तक सीमित न रखकर जमीनी स्तर पर ठोस कार्यक्रमों में बदलने पर जोर दिया।

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बैठक में कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच खेल सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके लिए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान, संयुक्त खेल प्रतियोगिताओं और खेल विज्ञान से जुड़े साझा मंच विकसित करने की आवश्यकता है।

मांडविया ने कहा कि सदस्य देशों के खिलाड़ी और कोच एक-दूसरे के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकते हैं। नियमित आदान-प्रदान कार्यक्रमों से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ विभिन्न खेलों में नई तकनीकों और आधुनिक तरीकों को अपनाने में भी मदद मिलेगी।

भारत ने बैठक के दौरान खेल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पोर्ट्स साइंस को भविष्य के खेल विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। इन क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप की पहल को आगे बढ़ाया गया है। इसके जरिए तकनीकी नवाचार और खेल विज्ञान से संबंधित अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा करने पर जोर रहेगा।

भारत ने खेल उपकरणों और इससे जुड़े विनिर्माण क्षेत्र में भी ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की पहल की है। इसी क्रम में नवंबर में राजस्थान के उदयपुर में स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव आयोजित करने का प्रस्ताव है। इस आयोजन के माध्यम से खेल उपकरण उद्योग, तकनीक और विनिर्माण से जुड़े अवसरों पर चर्चा की जाएगी।

पारंपरिक और स्वदेशी खेलों को वैश्विक पहचान दिलाने पर भी भारत ने विशेष जोर दिया है। अक्टूबर में अहमदाबाद में पारंपरिक एवं स्वदेशी खेलों से संबंधित प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों को अपनी पारंपरिक खेल विरासत प्रदर्शित करने और एक-दूसरे के खेलों को समझने का अवसर देना है।

मांडविया ने कहा कि भारत में खेल क्षेत्र को व्यापक रूप से विकसित करने के लिए ‘प्लेग्राउंड से पोडियम’ तक नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य शुरुआती स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने से लेकर उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने तक मजबूत व्यवस्था विकसित करना है।

ब्रिक्स खेल मंत्रियों की संयुक्त घोषणा में सदस्य देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। खिलाड़ी और कोच आदान-प्रदान, संयुक्त प्रतियोगिताओं, खेल विज्ञान, आधुनिक तकनीक, विनिर्माण तथा पारंपरिक खेलों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर ब्रिक्स देशों के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

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