Parthala Underpass: पर्थला में 91 करोड़ से बनेगा छह लेन अंडरपास, डीपीआर आईआईटी रुड़की भेजी
नोएडा। पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के नीचे गोलचक्कर पर बनने वाले अंडरपास की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। अब इसको परीक्षण के लिए आईआईटी रुड़की को भेज दिया गया है। अगले 10-15 दिन में आईआईटी से मंजूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद इस परियोजना को बनाने के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इस अंडरपास के निर्माण में करीब 91 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) मार्ग पर बनेगा। प्राधिकरण ने लागत और डिजाइन परीक्षण के लिए डीपीआर आईआईटी रुड़की को भेजी है। प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के अरोड़ा ने बताया कि आईआईटी से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया होगी। यह अंडरपास छह लेन और 710 मीटर लंबा होगा।पर्थला गोलचक्कर पर यह अंडरपास बनाने की योजना कई साल पुरानी है। यहां विकास मार्ग से ग्रेनो वेस्ट की ओर जाने वाला और एफएनजी का ट्रैफिक फंसने से लंबा जाम लगता था। प्राधिकरण ने जनवरी 2021 में विकास मार्ग से ग्रेनो वेस्ट जाने वाले रास्ते पर 600 मीटर के सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण शुरू करवाया था। अप्रैल 2023 में केबल सस्पेंशन तकनीक पर यह फ्लाईओवर करीब 81 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो गया था। इससे ग्रेनो वेस्ट से सेक्टर-71 अंडरपास की ओर आने-जाने वाले ट्रैफिक को तो रफ्तार मिल गई है, लेकिन फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाले एफएनजी का ट्रैफिक गोलचक्कर पर फंस रहा है। आने वाले समय में यह समस्या वाहनों के दबाव के साथ और बढ़ेगी। प्राधिकरण ने यह देखते हुए अंडरपास निर्माण का निर्णय लिया है।




