Noida Airport Cargo: कार्गो टर्मिनल तक 8.25 किमी सड़क तैयार, ढाई किमी कनेक्टिविटी अभी बाकी

Noida Airport Cargo: कार्गो टर्मिनल तक 8.25 किमी सड़क तैयार, ढाई किमी कनेक्टिविटी अभी बाकी
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना में एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कार्गो टर्मिनल के लिए करीब 8.25 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा कर लिया है। हालांकि, टर्मिनल तक सीधी और पूरी कनेक्टिविटी के लिए अभी करीब ढाई किलोमीटर सड़क का निर्माण बाकी है।
कार्गो टर्मिनल को प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इस कनेक्टिविटी के लिए बाकी सड़क का निर्माण भी एनएचएआई को सौंपा गया है। इस कार्य पर करीब 459 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क के पूरा होने के बाद एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक मालवाहक वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्री सेवाएं शुरू होने के साथ ही कार्गो सेवाएं भी शुरू हो चुकी हैं, लेकिन फिलहाल कार्गो के लिए नियमित विमान सेवा उपलब्ध नहीं है। मालवाहक वाहनों के लिए यमुना एक्सप्रेसवे से जेवर-किशोरपुर होते हुए कार्गो विलेज तक पहुंचने का मार्ग प्रमुख विकल्प है। यह रास्ता पहले जेवर-खुर्जा मार्ग का हिस्सा था, लेकिन एयरपोर्ट निर्माण के कारण पुराने मार्ग का हिस्सा बंद हो चुका है।
मालवाहक वाहनों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए इस मार्ग पर दबाव बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे से कार्गो टर्मिनल तक नई सड़क बनाने की योजना तैयार की गई थी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई को दी गई थी।
चार लेन की जगह छह लेन के लिए तैयार किया गया ढांचा
एनएचएआई ने 8.25 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा कर लिया है। इस परियोजना पर करीब 296 करोड़ रुपये की लागत आई है। शुरुआती योजना में सड़क को चार लेन का बनाया जाना था, लेकिन भविष्य में यातायात और विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए इसका बुनियादी ढांचा छह लेन के अनुरूप तैयार किया गया है। इसी वजह से परियोजना की लागत बढ़कर करीब 296 करोड़ रुपये हो गई।
हालांकि, सड़क का बड़ा हिस्सा तैयार होने के बावजूद कार्गो टर्मिनल की पूरी कनेक्टिविटी अभी अधूरी है। करीब ढाई किलोमीटर के हिस्से का निर्माण पूरा होने के बाद ही टर्मिनल तक वैकल्पिक और अधिक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध हो सकेगा।
यीडा के मल्टी परपज सेक्टरों को भी मिलेगा लाभ
खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे तक सड़क कनेक्टिविटी बनने से एयरपोर्ट के आसपास विकसित किए जा रहे यमुना प्राधिकरण के मल्टी परपज सेक्टरों को भी फायदा मिलेगा। यीडा के मास्टर प्लान-2041 में एयरपोर्ट के नजदीक इन सेक्टरों का नियोजन किया गया है और इनके विकास के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। नई सड़क बनने से इन प्रस्तावित सेक्टरों की एयरपोर्ट और प्रमुख एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।