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Greater Noida Authority: हटाए गए अधिकारियों की विभागीय जांच शुरू, चार नए अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

Greater Noida Authority: हटाए गए अधिकारियों की विभागीय जांच शुरू, चार नए अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

नोएडा। ग्रेटर नोएडा की कलाधाम सोसाइटी में नलकूप की बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में डूबने से छह वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में कार्रवाई आगे बढ़ गई है। घटना के बाद जल विभाग से हटाए गए तीन अधिकारियों की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, उनके स्थान पर चार नए अधिकारियों को जल विभाग से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में बीते शनिवार को पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय अव्यान पुत्र शिवान यादव की मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर प्राधिकरण के जल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा, प्रबंधक गरिमा सिंह और सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी को उनके सभी कार्यों से मुक्त कर दिया गया था। तीनों अधिकारियों को ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित प्राधिकरण कार्यालय से संबद्ध किया गया था।

मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने तकनीकी सुपरवाइजर, सुपरवाइजर और संबंधित ठेकेदार को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तीनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब प्राधिकरण स्तर पर भी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, हटाए गए अधिकारियों के कार्यों को आगे के आदेश तक वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम, प्रबंधक रोहित गुप्ता, सहायक प्रबंधक गौरव और सहायक प्रबंधक राजीव कुमार संभालेंगे। इन अधिकारियों को अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त कार्य भी देखने होंगे।

प्राधिकरण ने नए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहर में चल रही सभी पेयजल परियोजनाओं में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। खासतौर पर निर्माण और नलकूप से संबंधित कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि बच्चे की मौत के मामले में गिरफ्तार ठेकेदार द्वारा कराए गए अन्य कार्यों की भी जांच कराई जाएगी। संबंधित ठेकेदार की फर्म ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गांवों में पेयजल आपूर्ति का काम भी कर रही है। आरोप है कि उसके कार्यों में पहले भी लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। विभागीय जांच के आधार पर आगे जिम्मेदारी तय किए जाने की संभावना है।

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