Job Fraud: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 6 गिरफ्तार, 500 युवाओं को बनाया निशाना
नोएडा। नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह का नोएडा पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चार युवतियां और दो युवक शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी करीब डेढ़ साल से फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पैसे वसूल रहे थे और अब तक करीब 500 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी सेक्टर-27 स्थित अट्टा मार्केट की एक इमारत में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। यहां बेरोजगार युवाओं को नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। उम्मीदवारों से इंटरव्यू और रजिस्ट्रेशन के नाम पर औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद 1300 से 1500 रुपये तक प्रोसेसिंग फीस वसूली जाती थी।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान स्वेता सिंह निवासी उन्नाव, नीजू यादव निवासी सेक्टर-22, पूजा निवासी अशोक नगर, कीर्ति सिंह निवासी न्यू अशोक नगर, रुपेश कुमार निवासी चौड़ा गांव और आमीर राण निवासी हापुड़ के रूप में की है।
कॉल सेंटर से मोबाइल और भर्ती से जुड़े दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 11 फीस बुक, चार रसीद बुक, 22 प्रचार-प्रसार के पंपलेट और 20 भरे हुए भर्ती फार्म बरामद किए हैं। पुलिस अब आरोपियों के सिस्टम और मोबाइल फोन में मौजूद डेटा की जांच कर रही है, जिससे ठगी के शिकार हुए लोगों की संख्या और रकम का पता लगाया जा सके।
पंपलेट लगाकर युवाओं को फंसाते थे
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और बाजारों में नौकरी से जुड़े पंपलेट लगाकर युवाओं को आकर्षित करते थे। इसके बाद बेरोजगार युवाओं को कॉल सेंटर बुलाकर इंटरव्यू और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी। नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक उम्मीदवार से करीब 1500 रुपये प्रोसेसिंग फीस ली जाती थी।
रुपये लेने के बाद आरोपी या तो उम्मीदवारों से संपर्क तोड़ देते थे या फिर नौकरी से जुड़ा कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें लगातार टालते रहते थे। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने इसी तरीके से बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं से रकम ऐंठी है।
NCRP पोर्टल पर खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और मोबाइल नंबरों की राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जांच करा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपियों के खिलाफ नोएडा के अलावा देश के दूसरे शहरों या राज्यों में भी नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं या नहीं।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह का ठगी का नेटवर्क सामने आई जानकारी से कहीं बड़ा हो सकता है। जांच के दौरान आरोपियों के संपर्क में रहे अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों का भी पता लगाया जा रहा है।
मास्टरमाइंड और पूरे नेटवर्क की तलाश
फिलहाल पुलिस सभी छह आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है, अब तक कितनी रकम की ठगी की जा चुकी है और फर्जी कॉल सेंटर चलाने में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
थाना सेक्टर-20 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क तक पहुंचने और ठगी के शिकार युवाओं की जानकारी जुटाने में लगी है।


