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उपभोक्ता आयोग ने ग्रेनो प्राधिकरण सीईओ को जारी किया नोटिस

ज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश का पालन नहीं करने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ को दो मई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए नोटिस भेजा
ज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश का पालन नहीं करने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ को दो मई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए नोटिस भेजा

अमर सैनी

नोएडा। राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश का पालन नहीं करने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ को दो मई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए नोटिस भेजा है। आदेश का पालन कराने के लिए वादी महेश मित्रा ने आयोग में गुहार लगाई थी। आयोग ने कहा कि पूर्व सीईओ के तबादले के बाद आदेश के पालन का उत्तरदायित्व वर्तमान पद पर पदस्थ अधिकारी का है। वर्तमान में पद पर तैनात अधिकारी पालन के लिए उत्तरदायी हैं। आयोग ने सीईओ रवि कुमार एनजी को धारा 251 दंड प्रक्रिया संहिता का नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया है।
अहम है कि राज्य उपभोक्ता आयोग ने महेश मित्रा के मामले में सुनवाई के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को दो माह में 1000 वर्ग मीटर से 2500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का भूखंड पूर्व नियमों एवं शर्तों पर आवंटित करने का आदेश दिया था। लेकिन अभी तक ग्रेनो प्राधिकरण से इसका पालन नहीं किया है। अहम है कि इसी मामले में 7 जनवरी को हुई सुनवाई में राज्य उपभोक्ता आयोग ने ग्रेनो प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ को दोषी माना था। मामले में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 27 के तहत मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्रेनो प्राधिकरण को एक माह के कारावास की सजा सुनाई गई थी। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

यह था पूरा मामला महेश मित्रा ने वर्ष 2001 में भूखंड के लिए आवेदन किया था। आवंटन नहीं होने पर महेश ने वर्ष 2005 में जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया था। वर्ष 2006 को जिला फोरम ने प्राधिकरण को आवंटी की आवशयकता अनुसार 1,000 वर्ग मीटर से 2,500 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल का भूखंड आवंटित करने के आदेश जारी किए थे। जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश के खिलाफ प्राधिकरण ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की थी।

 

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संवाददाता

Manisha Jha

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