LPG Connection: पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए बड़ा निर्देश: तीन महीने में एलपीजी कनेक्शन नहीं छोड़ा तो होगी कार्रवाई
LPG Connection: पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए बड़ा निर्देश: तीन महीने में एलपीजी कनेक्शन नहीं छोड़ा तो होगी कार्रवाई
नोएडा। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। अब जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अगले तीन महीने के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर ऐसा नहीं करने पर तेल कंपनियां संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका एलपीजी कनेक्शन रद्द कर सकती हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में पहले भी उपभोक्ताओं को समय दिया गया था, लेकिन अपेक्षित संख्या में लोगों ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर नहीं किए। इसके बाद अब तेल और गैस कंपनियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
जानकारी के मुताबिक, करीब दो महीने पहले तेल कंपनियों को ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान करने के निर्देश दिए गए थे, जिनके पास पीएनजी सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद एलपीजी कनेक्शन भी सक्रिय है। हालांकि आधार कार्ड और अन्य विवरण अपडेट न होने के कारण ऐसे उपभोक्ताओं की पूरी पहचान नहीं हो सकी थी। अब इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू करते हुए संबंधित उपभोक्ताओं को तीन महीने का अंतिम अवसर दिया गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन धारकों को तीन माह के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर तेल कंपनियों और गैस आपूर्ति कंपनी के बीच सहमति बन चुकी है और समय सीमा समाप्त होने के बाद दोनों स्तरों पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन को ऐसे मामलों की जानकारी मिलती है, जहां उपभोक्ता नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, तो प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद सत्यापन अभियान चलाकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आंकड़ों के अनुसार जिले में चार लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन धारक हैं, जबकि एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या लगभग दस लाख है। कई आवासीय सोसाइटियों में भी पीएनजी सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है और उन्हें एलपीजी मुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य गैस वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और दोहरे कनेक्शन की स्थिति को समाप्त करना है। ऐसे में पात्र उपभोक्ताओं को समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लेने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।