Tuesday, 3 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : जेलों की सुरक्षा को मिलेगी इंसास की ताकत, योगी सरकार खरीदेगी 676 राइफलGonda : 2017 से पहले की सरकारें करती थीं वसूली, अब हो रहा विकास, लोग हैं भयमुक्त- कीर्तिवर्धन सिंहHapur News : गुलावठी रोड पर दर्दनाक सड़क हादसा, ऑटो चालक की जान गईDrug Bust Ghaziabad: ऑपरेशन प्रहार के तहत एक करोड़ की स्मैक के साथ चार आरोपी गिरफ्तार, कथित महिला सरगना भी शामिलGreater Noida PNB Protest: ऐच्छर पीएनबी शाखा के बाहर किसानों का प्रदर्शन, 16 खाताधारकों को रकम वापसNew Noida Master Plan: 80 गांवों में जमीन की मैपिंग शुरू, 361 किसानों की सहमतिParthala Mobile Snatching: बाइक टैक्सी से जा रही महिला अधिवक्ता का मोबाइल छीना, जांच शुरूNoida Industrial Lease Dispute: लीज पर दी औद्योगिक संपत्ति को नुकसान और 91 लाख किराया बकाया होने का आरोप

Sridhar Vembu RSS Rally: तमिलनाडु में RSS के पथ संचलन में शामिल हुए जोहो के सह-संस्थापक, सोशल मीडिया पर चर्चा

तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित पथ संचलन में जोहो के सह-संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक श्रीधर वेम्बू भी शामिल हुए। उन्होंने 1 नवंबर को तेनकासी जिले के शंकरनकोविल में आयोजित RSS के मार्च में हिस्सा लिया। इसी दौरान उनके साथ स्थानीय भाजपा के जिला और नगर स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। श्रीधर वेम्बू की इस कार्यक्रम में भागीदारी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। तकनीकी क्षेत्र की जानी-मानी हस्ती के RSS के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।

यह पथ संचलन RSS के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के दूसरे चरण का हिस्सा था। संगठन की स्थापना वर्ष 1925 में हुई थी और 2025 में इसके 100 वर्ष पूरे हुए। इसी अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तमिलनाडु में भी संगठन की ओर से कई जिलों में पथ संचलन और सार्वजनिक सभाओं का आयोजन किया गया। 1 नवंबर को तेनकासी के अलावा कोयंबटूर, तिरुचिरापल्ली, मदुरै, पेरम्बलूर, थेनी, डिंडीगुल, तिरुप्पुर, शिवगंगा और कन्याकुमारी सहित कई जिलों में कार्यक्रम हुए।

श्रीधर वेम्बू की मौजूदगी की जानकारी भाजपा से जुड़े पदाधिकारी अनंतन अय्यासामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने शंकरनकोविल में आयोजित पथ संचलन की तस्वीरें पोस्ट करते हुए बताया कि उन्हें श्रीधर वेम्बू और तेनकासी जिले तथा शहर के भाजपा पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। तस्वीरों में वेम्बू RSS की निर्धारित गणवेश में नजर आए। इस आयोजन में स्वयंसेवकों ने अनुशासित तरीके से मार्च किया और इसके पश्चात सार्वजनिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

तमिलनाडु में RSS के पथ संचलन को लेकर पिछले कुछ वर्षों से अनुमति का विवाद भी चलता रहा है। संगठन ने राज्य के विभिन्न स्थानों पर मार्च निकालने के लिए पुलिस से अनुमति मांगी थी, लेकिन कई जगहों पर आवेदन खारिज कर दिए गए थे। इसके पश्चात RSS ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया। संगठन की ओर से दलील दी गई कि उसे निर्धारित शर्तों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से पथ संचलन आयोजित करने की अनुमति मिलनी चाहिए। इस मामले में अदालत ने पुलिस के फैसलों और अनुमति देने के आधारों पर विचार किया।

16 अक्टूबर को मद्रास हाईकोर्ट ने RSS को 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को राज्य के विभिन्न स्थानों पर पथ संचलन आयोजित करने की अनुमति देने का निर्देश दिया। अदालत ने पुलिस अधिकारियों को आयोजकों के साथ समन्वय करके मार्च के समय और स्थान तय करने को कहा। साथ ही आयोजन के दौरान पहले से निर्धारित दिशा-निर्देशों और शर्तों का पालन करने की बात भी कही गई। कोर्ट के आदेश के बाद तमिलनाडु में कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

रविवार, 1 नवंबर को आयोजित दूसरे चरण के कार्यक्रम में श्रीधर वेम्बू के अलावा पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन भी शामिल हुए। उन्होंने कोयंबटूर में आयोजित पथ संचलन में हिस्सा लिया। तिरुचिरापल्ली में हुए मार्च में 500 से अधिक स्वयंसेवकों के शामिल होने की जानकारी सामने आई। राज्य के अन्य जिलों में भी स्वयंसेवकों ने गणवेश में मार्च किया और विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक सभाएं आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों को RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़े आयोजनों का हिस्सा बताया गया।

श्रीधर वेम्बू की RSS कार्यक्रम में भागीदारी ऐसे समय में चर्चा में आई है, जब कुछ महीने पहले उन्होंने अपने स्कूल के दिनों और वैचारिक बदलाव को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। जुलाई में उन्होंने बताया था कि 14 वर्ष की उम्र में एक मार्क्सवादी शिक्षक के प्रभाव में आकर वे मार्क्सवादी और नास्तिक बन गए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि वे जिस स्कूल में पढ़ते थे, उसे RSS से जुड़े एक व्यक्ति ने आर्थिक सहायता दी थी। अपने पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने शिक्षक के प्रभाव को लेकर ‘ब्रेनवॉश’ शब्द का इस्तेमाल किया था।

श्रीधर वेम्बू की इस नई भागीदारी के बाद सोशल मीडिया पर उनके विचारों और RSS से जुड़ाव को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोगों ने उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने इसे उनके व्यक्तिगत विचार और सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वेम्बू ने इस आयोजन को भाजपा का कार्यक्रम बताने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह RSS का मार्च था। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें शामिल होने में कुछ गलत नहीं है।

श्रीधर वेम्बू देश के प्रमुख तकनीकी उद्यमियों में गिने जाते हैं। जोहो एक सॉफ्टवेयर कंपनी है, जो कारोबार और कार्यालयों में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न डिजिटल उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराती है। वेम्बू कंपनी के सह-संस्थापक होने के साथ मुख्य वैज्ञानिक की भूमिका भी निभाते हैं। तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी रोजगार और कंपनी के विस्तार को लेकर भी वे पहले चर्चा में रहे हैं। ऐसे में RSS के शताब्दी कार्यक्रम में उनकी भागीदारी ने कारोबारी और तकनीकी जगत के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी ध्यान खींचा है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें