यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा मामले में आरोपी रवि को लिया हिरासत में

अमर सैनी

नोएडा। उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिया गया। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पुलिस कांस्टेबल और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने इन मामलों के मुख्य आरोपियों रवि अत्री और सुभाष प्रकाश को विशेष न्यायालय (पीएमएलए) के आदेश पर हिरासत में लिया। ईडी ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है। ईडी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी का कहना है कि आगे की जांच में इस गैंग के अन्य सदस्यों और उनके वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल की जाएगी।

रवि अत्री और सुभाष प्रकाश को इन पेपर लीक मामलों के मास्टरमाइंड के रूप में पहचाना गया है। ये आरोपी फरवरी में गिरफ्तार किए गए थे, जब जांच एजेंसियों ने पाया कि उन्होंने 2023 की यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और यूपीपीएससी की आरओ (समीक्षा अधिकारी) के साथ एआरओ (सहायक समीक्षा अधिकारी) परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक किए थे। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों ने लीक प्रश्न पत्र अभ्यर्थियों को समय से पहले उपलब्ध कराए। इस योजना के तहत अभ्यर्थियों को हरियाणा के मानेसर और मध्य प्रदेश के रीवा स्थित रिजॉर्ट्स में रखा गया। जहां उन्हें परीक्षा सामग्री मुहैया कराई गई। इसके बाद आरोपियों के खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। यह पूरी साजिश एक संगठित आपराधिक गैंग द्वारा रची गई थी। जिसका उद्देश्य बड़ी मात्रा में धन अर्जित करना था।

पेपर लीक कांड पर छात्रों का आक्रोश

पेपर लीक के इस मामले ने उत्तर प्रदेश में भारी बवाल खड़ा कर दिया था। घटना के बाद राज्य भर में हजारों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए। सरकार पर पारदर्शी जांच और परीक्षा की पुनरावृत्ति का दबाव डाला। इसके परिणामस्वरूप यूपी सरकार ने पुलिस भर्ती परीक्षा को तत्काल रद्द कर दिया और छह महीने के भीतर नई परीक्षा आयोजित करने का वादा किया। अगस्त 2024 में पुलिस भर्ती की परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी। अब गुरुवार को इसका परिणाम घोषित किया गया।

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