Delhi Crime: दिल्ली में ज्वैलरी शॉप लूट का सनसनीखेज खुलासा, BSF जवान निकला आरोपी, ऑनलाइन जुए की लत में फंसा कर बैठा अपराध
रिपोर्ट: रवि डालमिया
राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले में दिनदहाड़े हुई एक ज्वैलरी शॉप लूट की वारदात ने उस वक्त सनसनी मचा दी जब जांच में खुलासा हुआ कि इस अपराध को किसी पेशेवर लुटेरे ने नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान ने अंजाम दिया था। आरोपी की पहचान गौरव यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्यप्रदेश के शिवपुरी का निवासी है और वर्तमान में पंजाब के फाजिल्का में BSF में तैनात था। पुलिस ने आरोपी को शिवपुरी से गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से दो सोने की चूड़ियां व दो लाख रुपये की बैंक लेन-देन से जुड़ी जानकारी बरामद कर ली है।
घटना 19 जून 2025 की है, जब फर्श बाजार स्थित गुरचरण ज्वैलर्स की दुकान पर एक युवक पिस्तौल जैसा हथियार दिखाकर चार सोने की चूड़ियां लूटकर पैदल फरार हो गया था। मामले की रिपोर्ट थाना फर्श बाजार में FIR नंबर 342/25 के तहत दर्ज की गई।
शाहदरा जिले के डीसीपी प्रशांत गौतम के अनुसार, जांच की जिम्मेदारी स्पेशल स्टाफ, तकनीकी निगरानी इकाई और फर्श बाजार थाने की संयुक्त टीम को सौंपी गई। टीम में इंस्पेक्टर अजय करण शर्मा, एसआई नितिन, एएसआई दीपक कुमार, इंदर, सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल अमित कुमार और कांस्टेबल यतेन्द्र शामिल रहे। एसीपी विजय नगर के निर्देशन में टीम ने घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज की गहन छानबीन की और तकनीकी विश्लेषण के लिए डंप डेटा, IPDR, CDR और नेटग्रिड की मदद ली।
जांच में पता चला कि आरोपी गौरव यादव 2023 में BSF में भर्ती हुआ था और मई 2025 में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर पोस्टिंग पर गया था। इस दौरान वह ज़ुप्पी, लूडो और ड्रीम 11 जैसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर जुए की लत का शिकार हो गया और भारी रकम हार बैठा। आर्थिक संकट से घिरने के बाद उसने लूट की योजना बनाई।
18 जून को छुट्टी लेकर गौरव दिल्ली पहुंचा और एक दुकान से खिलौना पिस्टल खरीदी। अगले दिन फर्श बाजार इलाके की रेकी करने के बाद उसने सुनसान समय देखकर गुरचरण ज्वैलर्स पर लूट की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद वह मेरठ और लखनऊ होते हुए शिवपुरी पहुंचा, जहां उसने दो चूड़ियां बेचकर लगभग दो लाख रुपये एक बैंक खाते में जमा किए।
पुलिस ने आरोपी के घर से दो और सोने की चूड़ियां बरामद कर ली हैं। साथ ही उस बैंक खाते की भी पहचान कर ली गई है जिसमें लूटी गई राशि जमा की गई थी। पूछताछ में गौरव ने कबूल किया कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उसने यह कदम जुए की वजह से उत्पन्न आर्थिक संकट के चलते उठाया।
डीसीपी प्रशांत गौतम ने कहा कि यह मामला युवाओं में बढ़ती ऑनलाइन जुए की लत का गंभीर संकेत है। पुलिस टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते यह चुनौतीपूर्ण केस सुलझा और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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