Spurious Liquor: मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत, BJP विधायक का दावा- 11 की गई जान
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में रविवार को कथित तौर पर अवैध जहरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ गई। प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर 10 मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय भाजपा विधायक वीरेंद्र लोधी ने मृतकों की संख्या 11 बताई है। प्रभावित लोगों की पहचान और स्वास्थ्य जांच के लिए प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग कराई जा रही है।
सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बांदा तहसील के दो गांवों में अवैध जहरीली शराब पीने के बाद 10 लोगों की मौत हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचीं और लोगों की जांच शुरू की गई।
प्रशासन के मुताबिक, शराब पीने के बाद कुछ लोगों में बुखार, सिरदर्द और स्वास्थ्य संबंधी दूसरी समस्याएं सामने आई हैं। ऐसे लोगों की पहचान के लिए प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग की जा रही है। जिन लोगों में संदिग्ध लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में भेजा जा रहा है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि तीन लोगों को इलाज के लिए सरकारी बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन के अनुसार, इन तीनों की हालत गंभीर नहीं है। हालांकि, एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में अन्य लोगों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी व्यक्ति में लक्षण दिखाई देने पर उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
इस बीच बांदा से भाजपा विधायक वीरेंद्र लोधी ने प्रशासन से अलग आंकड़ा बताया है। विधायक के मुताबिक, उनकी जानकारी में जहरीली शराब पीने के बाद 11 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने दावा किया कि करीब 25 लोगों को बांदा सिविल अस्पताल से बेहतर और उन्नत उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा गया है।
प्रशासन और स्थानीय विधायक की ओर से बताए गए मृतकों तथा प्रभावित लोगों के आंकड़ों में अंतर होने के कारण अंतिम संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से फिलहाल 10 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है।
कलेक्टर के मुताबिक, इस घटना से जुड़ी पहली मौत रविवार तड़के सामने आई थी। इसके बाद एक के बाद एक अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौत होने की जानकारी प्रशासन को मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमों को प्रभावित गांवों में सक्रिय किया गया।
मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में मौत के सटीक चिकित्सकीय कारणों की आधिकारिक पुष्टि रिपोर्ट मिलने के बाद होने की उम्मीद है। फिलहाल शुरुआती जानकारी में अवैध जहरीली शराब के सेवन को इन मौतों से जोड़ा जा रहा है।
घटना के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता उन सभी लोगों की पहचान करना है, जिन्होंने संदिग्ध शराब का सेवन किया हो। इसी वजह से प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाने और संदिग्ध लक्षण वाले लोगों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
सागर की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में पड़ोसी राज्य गुजरात के भावनगर जिले में भी जहरीली शराब से जुड़ी बड़ी घटना हुई थी। पिछले महीने भावनगर में कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से 13 लोगों की मौत हुई थी। गुजरात में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर कानूनी प्रतिबंध होने के बावजूद यह घटना सामने आई थी।
सागर जिले की घटना ने एक बार फिर अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से तैयार शराब में जहरीले पदार्थों की मौजूदगी जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित गांवों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
मौतों की अंतिम संख्या, शराब के स्रोत और इसमें मौजूद पदार्थों के संबंध में विस्तृत जानकारी जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है। प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के अनुसार अभी तक 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय भाजपा विधायक ने यह आंकड़ा 11 बताया है।


