Raksha Bandhan Traffic Awareness: रक्षाबंधन पर ट्रैफिक पुलिस ने निभाया ‘मुन्नाभाई’ वाला किरदार, चालान की जगह नियम तोड़ने वालों को दिए फूल

Raksha Bandhan Traffic Awareness: रक्षाबंधन पर ट्रैफिक पुलिस ने निभाया ‘मुन्नाभाई’ वाला किरदार, चालान की जगह नियम तोड़ने वालों को दिए फूल

रिपोर्ट: रवि डालमिया

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में रक्षाबंधन के मौके पर ट्रैफिक पुलिस का एक अलग और मानवीय अंदाज देखने को मिला। आम दिनों में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान और दंडात्मक कार्रवाई करने वाली ट्रैफिक पुलिस ने इस बार कुछ नियम तोड़ने वालों को चालान थमाने के बजाय फूल देकर समझाया। पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों को फूल देते हुए यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने का संदेश दिया।

ईस्टर्न रेंज ट्रैफिक पुलिस की इस पहल का उद्देश्य वाहन चालकों को दंड देने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। रक्षाबंधन के त्योहार से इस अभियान को जोड़ते हुए पुलिस ने लोगों को समझाया कि घर पर उनका कोई भाई या बहन उनका इंतजार कर रहा है, इसलिए सड़क पर लापरवाही से बचना बेहद जरूरी है।

यह विशेष जागरूकता अभियान लोनी गोल चक्कर पर टीआई विकास पंवार के संरक्षण में चलाया गया। यहां ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ वाहन चालकों को रोका और उन्हें फूल देकर उनकी गलती के बारे में समझाया।

पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों से कहा कि यातायात नियम केवल चालान या जुर्माने से बचने के लिए नहीं बनाए गए हैं। इन नियमों का असली उद्देश्य सड़क पर वाहन चालक, उसके परिवार और अन्य लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

इस दौरान दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चार पहिया वाहन चलाने वालों को सीट बेल्ट लगाने के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही लोगों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सड़क पर जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने की अपील की गई।

ट्रैफिक पुलिस का यह अंदाज देखकर कई वाहन चालक भी हैरान नजर आए। चालान की उम्मीद कर रहे वाहन चालकों को जब पुलिसकर्मियों ने फूल दिया और भविष्य में नियम नहीं तोड़ने की सलाह दी तो उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी।

पुलिस की इस पहल ने वहां मौजूद दूसरे लोगों का ध्यान भी आकर्षित किया। कई लोगों ने ट्रैफिक पुलिस के इस तरीके की सराहना करते हुए इसे जागरूकता फैलाने का सकारात्मक प्रयास बताया।

ईस्टर्न रेंज की डीसीपी ट्रैफिक श्वेता सिंह चौहान ने रक्षाबंधन और सड़क सुरक्षा को जोड़ते हुए वाहन चालकों को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर बहन के लिए उसका भाई दुनिया का सबसे बड़ा गहना होता है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के मौके पर प्रत्येक भाई को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह यातायात नियमों का पालन करेगा, जिससे सड़क दुर्घटना या किसी दूसरी अनहोनी की आशंका को कम किया जा सके।

डीसीपी ट्रैफिक ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना या दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं है। यातायात पुलिस लोगों को प्यार और सम्मान के साथ समझाकर भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना चाहती है।

इसी सोच के साथ रक्षाबंधन के अवसर पर नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ वाहन चालकों को फूल देकर उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया गया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें भविष्य में गलती नहीं दोहराने की सलाह दी।

इस पहल को लोगों ने फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ में दिखाए गए उस संदेश से भी जोड़कर देखा, जिसमें कठोरता के बजाय प्यार, अपनापन और मानवीय व्यवहार के जरिए लोगों में बदलाव लाने की कोशिश दिखाई गई थी।

लोनी गोल चक्कर पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पुलिसकर्मियों के हाथों में चालान की जगह फूल देखकर लोगों के बीच यह अभियान चर्चा का विषय बन गया।

पुलिस ने इस दौरान स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा हर व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। वाहन चालक की छोटी सी लापरवाही न केवल उसकी अपनी जिंदगी बल्कि सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जान को भी खतरे में डाल सकती है।

खासतौर पर हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपाय दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी वजह से पुलिस ने लोगों को इनका नियमित रूप से इस्तेमाल करने की सलाह दी।

रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस ने भाई-बहन के रिश्ते को भी सड़क सुरक्षा के संदेश से जोड़ा। वाहन चालकों से कहा गया कि परिवार की खुशियों और अपनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वे सड़क पर जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करें।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस के इस प्रयास को सकारात्मक बताया। उनका कहना था कि कानून का पालन कराना जरूरी है, लेकिन जागरूकता और संवेदनशील व्यवहार के जरिए लोगों तक संदेश पहुंचाना भी प्रभावी तरीका हो सकता है।

लोगों का कहना था कि पुलिस और आम जनता के बीच इस तरह का संवाद आपसी विश्वास को मजबूत करने में भी मदद करता है। पुलिसकर्मियों द्वारा सम्मान के साथ गलती समझाए जाने पर वाहन चालक भविष्य में नियमों का पालन करने के लिए अधिक प्रेरित हो सकते हैं।

ईस्टर्न रेंज ट्रैफिक पुलिस की यह पहल रक्षाबंधन के त्योहार को सड़क सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास रही। एक तरफ भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया गया तो दूसरी तरफ वाहन चालकों को सुरक्षित घर लौटने के लिए यातायात नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी याद दिलाई गई।

रक्षाबंधन पर लोनी गोल चक्कर पर नजर आया ट्रैफिक पुलिस का यह ‘फूल दो, दिल जीतो’ अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। पुलिस ने इसके जरिए संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्ती और कार्रवाई के साथ जागरूकता, संवाद और संवेदनशीलता भी महत्वपूर्ण है।

 

Hot this week

Lucknow : यूपी में ‘रूल ऑफ माफिया’ मिटाकर स्थापित किया ‘रूल ऑफ लॉ’- मुख्यमंत्री

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर...

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img