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Yamuna Expressway: तेज रफ्तार कार गोल चक्कर पर चढ़ी, कई बार पलटने के बाद सड़क पर गिरी; चालक गंभीर

Yamuna Expressway: तेज रफ्तार कार गोल चक्कर पर चढ़ी, कई बार पलटने के बाद सड़क पर गिरी; चालक गंभीर

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार दोपहर यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर गोल चक्कर पर चढ़ गई। कार कई बार पलटने के बाद सड़क पर जा गिरी। हादसे में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को कार से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है।

पुलिस के मुताबिक, बुलंदशहर के नूरपुर गांव निवासी रामसिंह किसी काम से दनकौर आए थे। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे वह कार से वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर गोल चक्कर के पास सामने चल रहे एक वाहन को बचाने के प्रयास में उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया।

तेज रफ्तार होने के कारण कार अनियंत्रित होकर गोल चक्कर के ऊपर चढ़ गई। इसके बाद कार कई बार पलटी खाते हुए सड़क पर उलट गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी।

कार में फंसे चालक को पुलिस ने बाहर निकाला

सूचना मिलते ही दनकौर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण रामसिंह उसमें फंस गए थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल की हालत गंभीर है और उसका उपचार किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ सके।

Noida: सेक्टर-105 में सफाई और पौधारोपण अभियान, बारिश के बीच झट्टा अंडरपास समेत कई इलाकों का निरीक्षण

Noida: सेक्टर-105 में सफाई और पौधारोपण अभियान, बारिश के बीच झट्टा अंडरपास समेत कई इलाकों का निरीक्षण

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश के निर्देश पर शनिवार को सेक्टर-105 में सफाई और पौधारोपण अभियान चलाया गया। अभियान में स्थानीय सेक्टरवासियों के साथ स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान सेक्टर-105 के सेंट्रल पार्क में जमा कूड़े को हटाकर पार्क को पूरी तरह कचरा मुक्त किया गया। सफाई अभियान के दौरान करीब 160 किलोग्राम कूड़ा बाहर निकाला गया।

अभियान में दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अनीश दयाल और भारत सरकार के पूर्व गृह सचिव एवं पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार भी शामिल हुए। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दीपक दत्तात्रेय के साथ नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन सिंह और उप निदेशक प्रशान्त सिंह समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में पार्क की सफाई के साथ पौधारोपण भी किया गया।

बारिश के बाद झट्टा अंडरपास का निरीक्षण

लगातार हो रही बारिश के बीच नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) एके अरोड़ा ने शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आवासीय, संस्थागत और औद्योगिक क्षेत्रों में जाकर बारिश के बाद की स्थिति का जायजा लिया।

अत्यधिक बारिश के कारण झट्टा अंडरपास के आसपास जमीन का जलस्तर बढ़ गया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने मौके पर तत्काल पानी निकालने वाला पंप चालू कराया। इसके साथ ही झट्टा अंडरपास से वाहनों और लोगों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।

कई सेक्टरों में नहीं मिला जलभराव

निरीक्षण टीम ने औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 के मुख्य मार्गों का भी जायजा लिया। यहां किसी भी स्थान पर जलभराव नहीं मिला। इसके बाद टीम ने सेक्टर-148, 150, 152 और ग्राम सफीपुर का निरीक्षण किया।

महाप्रबंधक एके अरोड़ा ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कहीं भी जलभराव की स्थिति सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर टास्क फोर्स के माध्यम से समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक रोहित सिंह, वर्क सर्किल-7 के वरिष्ठ प्रबंधक डीएल वर्मा, प्रबंधक मनीषा सिंह और संबंधित अवर अभियंता भी मौजूद रहे।

 

Bihar : पुल नहीं तो मजबूरी में नदी पार कर रहे ग्रामीण, जान पर बन आई

Nawada (मृत्युंजय) : गोविंदपुर प्रखंड के पिपरा, डेलुआ, महावरा और शेखूपुर गांव के लोगों के लिए बारिश के दिनों में सकरी नदी जानलेवा बन गई है। नदी में तेज बहाव के बावजूद ग्रामीण, स्कूली बच्चे और बाइक सवार रोजाना डर-डर कर पानी के बीच से होकर आवागमन कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी मजबूरी है। आसपास कोई नजदीकी बाजार नहीं है और झारखंड होकर जाने पर प्रति व्यक्ति लगभग 200 रुपये का खर्च आता है। इसलिए शॉर्टकट के लिए लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इसी घाट पर पहले भी हादसों में लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक आवागमन पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब बारिश के बाद नदी उफान पर होती है। इसके बावजूद बच्चे स्कूल जाने और लोग काम के लिए इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।

राहत की बात यह है कि महावरा घाट पर 600 मीटर लंबे पुल का निर्माण अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुका है। करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल के 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। तब तक इन चार गांवों के हजारों लोगों को हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी होगी।

Bihar : स्कूल वाहन की आड़ में गांजा तस्करी का पर्दाफाश, 41 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार

Madhubani (मृत्युंजय) : जिले के औंसी थाना क्षेत्र में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल वाहन की आड़ में हो रही गांजा तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने “विद्यालय वाहन” लिखे एक मैजिक वाहन से 41 किलोग्राम गांजा बरामद कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। तस्करी में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी रहिका की तरफ से आ रहे संदिग्ध मैजिक वाहन की तलाशी के दौरान हुई। वाहन पर “विद्यालय वाहन” लिखा होने के कारण पहले नजर में उस पर शक नहीं हुआ, लेकिन जांच के लिए रोके जाने पर तलाशी में 41 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 लाख 25 हजार रुपये आंकी गई है।

औंसी थानाध्यक्ष आदित्य कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मधुबनी के क्यामचक गांव निवासी महेश यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में तस्कर से गांजे की खरीद और सप्लाई के नेटवर्क के बारे में जानकारी ली जा रही है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि खेप कहां से लाई गई थी और इसे किसे पहुंचाया जाना था।

इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

Uttar Pradesh : हापुड़ में बच्चों की कहासुनी बनी हिंसा, दो पक्षों में मारपीट-पथराव, पांच घायल

Hapur News : हापुड़ में धौलाना थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव लालपुर में बच्चों के बीच मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। कहासुनी बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मारपीट के साथ पथराव शुरू हो गया। इस घटना में दोनों पक्षों के मिलाकर पांच लोग घायल हो गए।

सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घायलों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित पक्ष के नजरु ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पड़ोस में रहने वाले आलिम के बच्चों ने पहले उनके बच्चों से मारपीट की थी। विरोध करने पर आलिम पक्ष के कई लोग लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर उनके घर पहुंच गए और घर के सदस्यों पर हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता भी की गई और बीच-बचाव करने वालों को चोटें आईं। वहीं दूसरे पक्ष ने भी अपने साथ मारपीट होने की शिकायत पुलिस को सौंपी है।

सीओ पिलखुवा मुनीश चंद्र ने बताया कि बच्चों के विवाद के बाद गांव लालपुर में दो पक्षों के बीच मारपीट और पथराव की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा। मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जांच के बाद विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Uttar Pradesh : हापुड़ में इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पर छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, पूर्व प्रधानाचार्य के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज

Hapur News : जनपद हापुड़ में थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव अल्लीपुर स्थित एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पर कक्षा 11वीं की छात्रा से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। पीड़ित छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्रधानाचार्य और उसके साथी पूर्व प्रधानाचार्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

पीड़ित पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी सबसे छोटी पुत्री अल्लीपुर के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 11 में पढ़ती है। आरोप है कि 9 जुलाई को सुबह करीब साढ़े आठ बजे दूसरे घंटे में कॉलेज के प्रधानाचार्य महेशचंद्र शर्मा, निवासी आनंदलोक त्यागीनगर हापुड़, ने छात्रा को चॉकलेट देने के बहाने अपने ऑफिस में बुलाया। चॉकलेट लेने से मना करने पर प्रधानाचार्य ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद छात्रा किसी तरह ऑफिस से बाहर निकलकर घर आई।

पीड़ित के अनुसार घटना के चार-पांच दिन बाद आरोपी ने छात्रा को नए कपड़े दिलाने और अन्य प्रलोभन भी दिए, जिससे छात्रा और अधिक डर गई। उसने घर पहुंचकर अपनी मझली बहन को पूरी बात बताई और कॉलेज से नाम कटवाने की इच्छा जताई। 18 जुलाई को पिता और पुत्री ने कॉलेज प्रबंधक को आरोपी के खिलाफ प्रार्थना पत्र सौंपा। आरोप है कि इसके बाद से आरोपी कॉलेज नहीं आया और प्रबंध समिति ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।

तहरीर में यह भी कहा गया है कि प्रधानाचार्य ने अपने मित्र पूर्व प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा, निवासी गांव बछलौता, के माध्यम से परिवार पर दबाव बनवाया। आरोप है कि राजकुमार शर्मा ने फोन कर छात्रा को समाज में बदनाम करने और उसकी शादी न होने देने की धमकी दी।

सीओ अनीता चौहान ने बताया कि छात्रा के पिता की तहरीर के आधार पर महेशचंद्र शर्मा और राजकुमार शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Greater Noida: भूजल दोहन और मिलावटी खाद्य सामग्री के विरोध में करप्शन फ्री इंडिया का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Greater Noida: भूजल दोहन और मिलावटी खाद्य सामग्री के विरोध में करप्शन फ्री इंडिया का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में लगातार बढ़ रहे भूजल दोहन और बाजारों में खुलेआम बिक रही मिलावटी खाद्य सामग्री के विरोध में करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी अरुण कुमार को सौंपते हुए तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ेगा।

संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और आलोक नागर ने आरोप लगाया कि गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में निजी बिल्डरों द्वारा बड़े पैमाने पर भूजल का दोहन किया जा रहा है। इससे प्राकृतिक जल स्रोत लगातार प्रभावित हो रहे हैं और भविष्य में गंभीर जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद जिला प्रशासन और भूजल विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नकली दूध, घी, पनीर, खोया, मिठाइयों सहित अन्य मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है। इन खाद्य पदार्थों के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति अधिक चिंताजनक है।

संगठन के सदस्य मास्टर दिनेश नागर ने बताया कि दादरी, सूरजपुर, बिलासपुर, दनकौर, रबूपुरा, जेवर, नोएडा के विभिन्न सेक्टरों, ग्रेटर नोएडा, तुगलपुर, कासना, जगत फार्म सहित जनपद के कई इलाकों में मिलावटी खाद्य सामग्री धड़ल्ले से बेची जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों से नियमित जांच अभियान चलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

संगठन ने बताया कि यह प्रदर्शन ‘अगस्त क्रांति 2026’ अभियान का हिस्सा है। पूरे अगस्त महीने के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन किए जाएंगे।

प्रदर्शन में बलराज हूंन, दिनेश मास्टर, शिवकुमार कसाना, प्रेमराज भाटी, दुलीचंद नागर, पवन यादव, लखमी पंडित, आकाश नागर, जग्गू प्रमुख, कमल नागर, राजे नागर, नबाब सिंह नागर, सुशील नागर, नितिन नागर, मोहित नागर, महेश नागर, निशांत तिवारी, तेजवीर चौहान, विजय प्रताप, मलखान यादव, वरुण नागर, शेखर नागर, शादीराम, हुकुम सिंह, पुष्पेंद्र पंडित, राजपाल भाटी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा के फ्लैट की छत का प्लास्टर गिरा, खेल रहे बच्चे बाल-बाल बचे, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा के फ्लैट की छत का प्लास्टर गिरा, खेल रहे बच्चे बाल-बाल बचे, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी फर्स्ट एवेन्यू में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक फ्लैट की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे और कुछ ही देर पहले बच्चे उसी स्थान पर खेल रहे थे, जहां प्लास्टर गिरा। गनीमत रही कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने सोसाइटी की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार बिसरख थाना क्षेत्र स्थित गौर सिटी फर्स्ट एवेन्यू के डी-157 फ्लैट में रहने वाले अशोक कुमार के घर शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे अचानक छत का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। तेज आवाज सुनकर परिवार के सदस्य घबरा गए। अशोक कुमार की पत्नी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कुछ मिनट पहले ही उनका बच्चा उसी स्थान पर खड़ा था। यदि वह वहां मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

सोसाइटी के एओए अध्यक्ष संदीप पाठक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि उन्होंने माना कि सुबह करीब 10:30 बजे फ्लैट की छत का प्लास्टर गिरा था।

सोसाइटी के अन्य निवासियों ने भी इस घटना पर चिंता जताई। उनका कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि आए दिन किसी न किसी फ्लैट में प्लास्टर गिरने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने के बावजूद लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

निवासियों ने संबंधित बिल्डर और प्राधिकरण से पूरे परिसर की तकनीकी जांच कराने तथा दोषपूर्ण निर्माण कार्य को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

Rain Rescue: पानी में फंसी एंबुलेंस को धक्का देकर बाहर निकालने वाले नोएडा पुलिसकर्मियों की हो रही सराहना, मरीज की बची जान

Rain Rescue: पानी में फंसी एंबुलेंस को धक्का देकर बाहर निकालने वाले नोएडा पुलिसकर्मियों की हो रही सराहना, मरीज की बची जान

नोएडा। लगातार हो रही बारिश के बीच गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुए पानी में फंसी एक एंबुलेंस को सुरक्षित बाहर निकालकर मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। बारिश के बीच पानी में उतरकर एंबुलेंस को धक्का देने वाले पुलिसकर्मियों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।

शुक्रवार सुबह से नोएडा-एनसीआर में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। अधिकांश अंडरपास पानी से भर गए। इसी दौरान एक अस्पताल की एंबुलेंस मरीज को लेकर महामाया फ्लाईओवर के नीचे स्थित अंडरपास से गुजर रही थी, जहां पानी अधिक होने के कारण एंबुलेंस बीच रास्ते में फंस गई। इससे मरीज की जान पर खतरा मंडराने लगा।

स्थिति गंभीर होने पर एंबुलेंस चालक ने पुलिस से सहायता मांगी। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और बिना किसी देरी के पानी में उतरकर एंबुलेंस को धक्का लगाकर बाहर निकाला। इसके बाद मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग नोएडा पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य पुलिस के मानवीय चेहरे को सामने लाते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।

 

Himachal Health: चिकित्सा महाविद्यालयों में शोध को मिलेगा बढ़ावा, डायग्नोस्टिक सेवाएं होंगी मजबूत : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

Himachal Health: चिकित्सा महाविद्यालयों में शोध को मिलेगा बढ़ावा, डायग्नोस्टिक सेवाएं होंगी मजबूत : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य मरीजों को समय पर, सटीक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को शिमला में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रथम चरण में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला में एक समर्पित शोध विभाग स्थापित किया जाएगा। इसके सफल संचालन के बाद इस व्यवस्था का विस्तार प्रदेश के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में शोध को बढ़ावा मिलने से नई बीमारियों के उपचार, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के विकास और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य संस्थानों में डायग्नोस्टिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और अन्य आवश्यक जांच सुविधाएं बिना किसी अनावश्यक प्रतीक्षा के उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच होने से गंभीर बीमारियों का शीघ्र पता लगाया जा सकेगा और मरीजों का इलाज भी तेजी से शुरू हो सकेगा।

उन्होंने अस्पतालों में ही आधुनिक रक्त जांच सुविधाएं विकसित करने पर भी विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज, चमियाना, आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में अत्याधुनिक स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इन प्रयोगशालाओं में एक ही रक्त नमूने से कई प्रकार की जांच एक साथ की जा सकेगी, जिससे मरीजों को तेज और सटीक रिपोर्ट मिलेगी। आवश्यक मशीनों की खरीद के लिए निविदाएं भी जारी कर दी गई हैं।

ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि लोगों को जल्द से जल्द आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार दवाइयों की गुणवत्ता और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दवा निर्माण कंपनियों से सीधे दवाइयों की खरीद की संभावना पर भी विचार कर रही है। इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उचित समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

उन्होंने चिकित्सकों, मेडिकल शिक्षकों तथा पैरामेडिकल कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षकों और डॉक्टरों से प्राप्त सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इन सुझावों को सुधार प्रक्रिया में शामिल किया गया है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों का दौरा करेंगे और वहां चिकित्सकों, शिक्षकों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव प्राप्त करेंगे। उन्होंने दोहराया कि प्रदेशवासियों को हिमाचल प्रदेश के भीतर ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में विधायक कुलदीप राठौर, हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।