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ऑटिज्म पीड़ित के प्रति नजरिया बदले समाज

ऑटिज्म पीड़ित के प्रति नजरिया बदले समाज -सफदरजंग अस्पताल ने मनाया विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस नई दिल्ली, 7 अप्रैल (नवोदय टाइम्स): ऑटिज्म रोग के प्रति समाज में जागरूकता लाने के लिए सफदरजंग अस्पताल ने विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया। इस दौरान फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) एक न्यूरो डेवलपमेंटल विकार है जो बचपन के शुरुआती दौर में ही प्रकट हो जाता है। यह सभी लिंग, नस्ल और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को प्रभावित करता है। डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि उक्त न्यूरोलॉजिकल स्थिति को समाज में एक धब्बा या कलंक मानने और भेदभाव करने के चलते ऑटिज्म पीड़ित मरीज के उपचार में बाधाएं पैदा होती हैं। इस संबंध में समाज को ऑटिज्म पीड़ित के प्रति नजरिया बदलने की जरुरत है। उन्होंने कहा, चिकित्सा समुदाय एएसडी से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान एक मनोरम पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई थी जिसमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम पर 20 बच्चों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में पीएमआर फैकल्टी के अलावा ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे और उनके परिजनों के साथ चिकित्सा समाज कल्याण अधिकारी पूनम ढांडा भी मौजूद रहे।
ऑटिज्म पीड़ित के प्रति नजरिया बदले समाज -सफदरजंग अस्पताल ने मनाया विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस नई दिल्ली, 7 अप्रैल (नवोदय टाइम्स): ऑटिज्म रोग के प्रति समाज में जागरूकता लाने के लिए सफदरजंग अस्पताल ने विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया। इस दौरान फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) एक न्यूरो डेवलपमेंटल विकार है जो बचपन के शुरुआती दौर में ही प्रकट हो जाता है। यह सभी लिंग, नस्ल और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को प्रभावित करता है। डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि उक्त न्यूरोलॉजिकल स्थिति को समाज में एक धब्बा या कलंक मानने और भेदभाव करने के चलते ऑटिज्म पीड़ित मरीज के उपचार में बाधाएं पैदा होती हैं। इस संबंध में समाज को ऑटिज्म पीड़ित के प्रति नजरिया बदलने की जरुरत है। उन्होंने कहा, चिकित्सा समुदाय एएसडी से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान एक मनोरम पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई थी जिसमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम पर 20 बच्चों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में पीएमआर फैकल्टी के अलावा ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे और उनके परिजनों के साथ चिकित्सा समाज कल्याण अधिकारी पूनम ढांडा भी मौजूद रहे।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (नवोदय टाइम्स): ऑटिज्म रोग के प्रति समाज में जागरूकता लाने के लिए सफदरजंग अस्पताल ने विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया। इस दौरान फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) एक न्यूरो डेवलपमेंटल विकार है जो बचपन के शुरुआती दौर में ही प्रकट हो जाता है। यह सभी लिंग, नस्ल और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को प्रभावित करता है।

डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि उक्त न्यूरोलॉजिकल स्थिति को समाज में एक धब्बा या कलंक मानने और भेदभाव करने के चलते ऑटिज्म पीड़ित मरीज के उपचार में बाधाएं पैदा होती हैं। इस संबंध में समाज को ऑटिज्म पीड़ित के प्रति नजरिया बदलने की जरुरत है। उन्होंने कहा, चिकित्सा समुदाय एएसडी से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान एक मनोरम पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई थी जिसमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम पर 20 बच्चों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में पीएमआर फैकल्टी के अलावा ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे और उनके परिजनों के साथ चिकित्सा समाज कल्याण अधिकारी पूनम ढांडा भी मौजूद रहे।

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संवाददाता

Manisha Jha

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