Mobile Snatching Gang: नोएडा में मोबाइल झपटने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत दो गिरफ्तार; 31 फोन बरामद
नोएडा। सेक्टर-63 थाना पुलिस ने राहगीरों से मोबाइल फोन झपटने और चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों में एक गिरोह का सरगना है। इनके कब्जे से चोरी और स्नेचिंग से जुड़े कुल 31 मोबाइल फोन, एक चाकू और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली बाइक बरामद हुई है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी केवल मोबाइल फोन छीनने तक सीमित नहीं थे। मोबाइल हाथ लगने के बाद उसका पासवर्ड तोड़ने का प्रयास करते और फोन में मौजूद पेटीएम तथा फोनपे जैसे डिजिटल भुगतान ऐप के जरिए पीड़ित के बैंक खाते से रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। इसके बाद मोबाइल को कम कीमत पर बेच दिया जाता था।
डीसीपी शैलेंद्र सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय पुष्पेंद्र और 19 वर्षीय ध्रुव के रूप में हुई है। दोनों गाजियाबाद के कृष्णानगर बागू के रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने दोनों को हल्दीराम कट की तरफ जाने वाली सर्विस रोड से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे बाइक से अलग-अलग इलाकों में घूमते थे और सड़क पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए चलने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही मोबाइल फोन झपटकर बाइक से फरार हो जाते थे। चोरी या स्नेचिंग के बाद फोन का पासवर्ड तोड़कर उसमें मौजूद डिजिटल पेमेंट ऐप तक पहुंच बनाने का प्रयास किया जाता था।
इस गिरोह तक पहुंचने में एक पीड़ित की शिकायत अहम साबित हुई। पुलिस के मुताबिक बीते दिनों एक व्यक्ति ने सेक्टर-63 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि बाइक सवार दो बदमाश उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। आरोप है कि मोबाइल छीनने के बाद उससे लिंक बैंक खाते के जरिए 93,500 रुपये निकाल लिए गए।
शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-63 थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाते हुए पीड़ित के खाते से ट्रांसफर किए गए 70 हजार रुपये को फ्रीज करा दिया। इसके साथ घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई।
पुलिस के मुताबिक वारदात करने वाले आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारी के आधार पर पुलिस दोनों आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से संबंधित पीड़ित का सैमसंग मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि दोनों ने कथित तौर पर इसी तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया था। मोबाइल फोन छीनने या चोरी करने के बाद जब उनके पास बड़ी संख्या में फोन जमा हो जाते थे तो उन्हें बेचने की योजना बनाई जाती थी।
पुलिस का आरोप है कि आरोपी राह चलते लोगों को अपनी आर्थिक मजबूरी बताकर चोरी और स्नेचिंग के मोबाइल कम कीमत में बेच देते थे। मोबाइल बेचकर मिलने वाली रकम दोनों आपस में बांट लेते थे। पुलिस का यह भी कहना है कि लोगों को डराने और धमकाने के लिए आरोपी अपने पास चाकू रखते थे।
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कुल 31 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें 30 मोबाइल फोन चोरी और स्नेचिंग के बताए गए हैं, जबकि एक सैमसंग मोबाइल उस मुकदमे से संबंधित है जिसकी जांच के दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। इसके अलावा एक चाकू और वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद की गई है।
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए अलग-अलग थानों में दर्ज मोबाइल चोरी और स्नेचिंग की घटनाओं का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद फोन किन-किन वारदातों से जुड़े हैं।
पुलिस के अनुसार 19 वर्षीय ध्रुव इस गिरोह का सरगना है। उसके खिलाफ गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में पहले से 10 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, चोरी का सामान रखने, मोबाइल स्नेचिंग और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं।
वहीं 23 वर्षीय पुष्पेंद्र के खिलाफ सेक्टर-63 थाने में चार मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही चोरी और स्नेचिंग के मोबाइल खरीदने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।


