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NFPRC Workshop: सांसदों-विधायकों के लिए कार्यशाला आयोजित, सुशासन, कौशल विकास और नीति निर्माण पर हुआ मंथन

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NFPRC Workshop: सांसदों-विधायकों के लिए कार्यशाला आयोजित, सुशासन, कौशल विकास और नीति निर्माण पर हुआ मंथन

नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर स्थित गुलमोहर हॉल में नेशन फर्स्ट पॉलिसी रिसर्च एंड चेंज फाउंडेशन (NFPRC) ने सांसदों और विधायकों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में लोकसभा, राज्यसभा और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के करीब 70 जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को श्रम सुधार, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और प्रभावी जनसंपर्क से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान से सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम की शुरुआत NFPRC के अध्यक्ष तरुण चुघ के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि श्रम का औपचारिकीकरण, कार्यबल का सशक्तिकरण और डिजिटल कौशल विकास विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और शोध-आधारित नीति निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों को साक्ष्य-आधारित नीति संवाद और नई तकनीकों से जोड़ना समय की जरूरत है।

कार्यशाला की अध्यक्षता हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने की। उन्होंने कहा कि साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, ज्ञान-आधारित जनप्रतिनिधित्व और निरंतर क्षमता निर्माण लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को मजबूत करने के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से बदलती प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने का आह्वान किया।

केंद्रीय श्रम, रोजगार, युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नए श्रम संहिताओं, ई-श्रम पोर्टल, नेशनल करियर सर्विस (NCS) और डिजिटल लेबर चौक जैसी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि तकनीक आधारित सुशासन और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

निर्वाचित राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े ने प्रभावी जनसंचार और डिजिटल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया का जिम्मेदार उपयोग, भ्रामक सूचनाओं का प्रभावी जवाब और जनता के साथ लगातार संवाद सफल जनप्रतिनिधित्व की पहचान है।

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणकुमार पिल्लई ने स्किल इंडिया डिजिटल, राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क और वैश्विक कौशल मॉडल पर प्रस्तुति देते हुए कहा कि आधुनिक कौशल विकास व्यवस्था रोजगार के नए अवसर पैदा करने और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कार्यक्रम के समापन पर NFPRC ने शोध-आधारित नीति निर्माण, विधायी क्षमता विकास और बेहतर सुशासन के लिए भविष्य में भी ऐसे संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

 

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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