Metro University Orientation: मेट्रो यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय छात्र अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ, चांसलर डॉ. पुरुषोत्तम लाल बोले- सीखने की कोई सीमा नहीं
ग्रेटर नोएडा। मेट्रो यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय छात्र अभिमुखीकरण कार्यक्रम का मंगलवार को भव्य शुभारंभ हुआ। 1 से 3 सितंबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम के माध्यम से नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, नीतियों, अनुसंधान, नवाचार, तकनीकी सुविधाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों से परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण से जोड़ने के साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है।
नए शैक्षणिक सत्र में विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और स्वागत सामग्री वितरण के साथ हुई। इसके बाद हवन एवं आशीर्वाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् के साथ अभिमुखीकरण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. (प्रो.) पुरुषोत्तम लाल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया और उनके साथ अपने जीवन एवं शैक्षणिक अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने और बदलते समय के अनुरूप खुद को विकसित करने का संदेश दिया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. पुरुषोत्तम लाल ने कहा, “सीखने की कोई सीमा नहीं है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल कक्षाओं या पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को अपने पूरे जीवन में नई चीजें सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए।
चांसलर ने विद्यार्थियों को नए कौशल विकसित करने, अपने ज्ञान का लगातार विस्तार करने और निर्धारित लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का समय विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण चरण होता है और इस दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में प्रो-चांसलर डॉ. सुनीता सिंह ने भी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने सकारात्मक सोच, अनुशासन और परिश्रम को सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
डॉ. सुनीता सिंह ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में मिलने वाले अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने और अपनी शैक्षणिक यात्रा को अनुशासन तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से विद्यार्थी अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं।
मेट्रो यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राजेश पाठक ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में शिक्षा के बदलते स्वरूप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पारंपरिक शिक्षा के साथ कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी दक्षता को महत्वपूर्ण बताया।
कुलपति ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी और व्यावसायिक वातावरण में केवल अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपने विषय से संबंधित व्यावहारिक कौशल के साथ नई तकनीकों को समझने और अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की गवर्निंग बॉडी की सदस्य पूनम लाल, डॉ. सोनिया लाल गुप्ता, डॉ. समीर गुप्ता और डॉ. साहिल लाल ने भी नए विद्यार्थियों का स्वागत किया।
गवर्निंग बॉडी के सदस्यों ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि विश्वविद्यालय में उनका उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। इस अवधि में विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल, संस्कार और आत्मविश्वास के साथ अपने संपूर्ण व्यक्तित्व के निर्माण पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ अनुसंधान, तकनीकी और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि अलग-अलग गतिविधियों में भागीदारी से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे विकसित करने का अवसर मिलता है।
अभिमुखीकरण कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और विभागों से भी परिचित कराया गया। अलग-अलग संकायों के अधिष्ठाताओं और शिक्षकों का परिचय विद्यार्थियों से कराया गया।
इस दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उनकी आगामी शैक्षणिक यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न गतिविधियों के बारे में उन्हें शुरुआती जानकारी उपलब्ध कराई गई, ताकि नए वातावरण में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण सत्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक नीति, एंटी-रैगिंग नीति, परीक्षा प्रणाली, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS), अनुसंधान और नवाचार से संबंधित विशेष सत्र शामिल होंगे।
एंटी-रैगिंग नीति से संबंधित सत्र में नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने से जुड़े नियमों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ परीक्षा प्रणाली और शैक्षणिक नीतियों को लेकर भी विद्यार्थियों को विस्तार से समझाया जाएगा।
LMS से संबंधित सत्र में विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंचने की प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा। अनुसंधान एवं नवाचार से जुड़े सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को नए विचारों और शोध गतिविधियों की ओर प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दूसरे दिन न्यूज़18 इंडिया के रोविंग एडिटर प्रतीक त्रिवेदी भी विद्यार्थियों को विशेष रूप से संबोधित करेंगे। उनके सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके अनुभवों और विचारों से सीखने का अवसर मिलेगा।
तीसरे दिन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और भविष्य के करियर पर आयोजित विशेष परिचर्चा होगी। इसमें तेजी से बदलती तकनीक और उसके कारण रोजगार तथा करियर के क्षेत्र में पैदा हो रहे नए अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विद्यार्थियों को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल और बदलते कार्यक्षेत्र के बारे में जानकारी देने की योजना है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी तकनीकों से परिचित कराना है जो आने वाले वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

तीसरे दिन आत्म-जागरूकता और मानसिक संतुलन से संबंधित सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इस सत्र के जरिए विद्यार्थियों को शैक्षणिक जीवन के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखने और स्वयं को बेहतर तरीके से समझने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसके साथ प्रतिभा खोज एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। इसके माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक वातावरण का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक तीन दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को केवल नियमों और शैक्षणिक प्रक्रियाओं की जानकारी देना नहीं है, बल्कि उन्हें विश्वविद्यालय के पूरे शैक्षणिक और सामाजिक वातावरण से जोड़ना भी है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, कौशल, अनुसंधान, नवाचार, तकनीक, मानसिक संतुलन और सांस्कृतिक गतिविधियों जैसे अलग-अलग पहलुओं से परिचित कराने की रूपरेखा तैयार की गई है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के गणमान्य सदस्य, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, शिक्षक, अधिकारी और बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी मौजूद रहे। नए विद्यार्थियों ने भी विश्वविद्यालय की व्यवस्था और आगामी शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मेट्रो यूनिवर्सिटी में 3 सितंबर तक चलने वाले इस अभिमुखीकरण कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उनकी नई शैक्षणिक यात्रा के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का जोर इस बात पर है कि विद्यार्थी अकादमिक शिक्षा के साथ कौशल, तकनीकी दक्षता, अनुसंधान, नवाचार और व्यक्तित्व विकास पर भी समान रूप से ध्यान दें।


