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Menstrual Hygiene Day: पीरियड पर चुप्पी तोड़ने का वक्त, मासिक धर्म को सम्मान और जागरूकता से देखने की अपील

Menstrual Hygiene Day: पीरियड पर चुप्पी तोड़ने का वक्त, मासिक धर्म को सम्मान और जागरूकता से देखने की अपील

नई दिल्ली, 28 मई : देश में आज भी मासिक धर्म यानी पीरियड्स को लेकर झिझक, चुप्पी और सामाजिक कलंक बना हुआ है। जानकारी की कमी, असुरक्षित स्वच्छता और जरूरी सुविधाओं के अभाव में लाखों लड़कियां संक्रमण और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही हैं। विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के मौके पर एम्स दिल्ली से महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और जागरूकता को लेकर बड़ा संदेश दिया गया है।

फैकल्टी एसोसिएशन ऑफ एम्स (FAIMS) ने कहा है कि मासिक धर्म कोई शर्म या छिपाने की चीज नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य विषय है। संस्था ने समाज से पीरियड्स को लेकर फैले मिथकों, भेदभाव और संकोच को खत्म करने की अपील की है।

फेम्स के अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही ने इस वर्ष की थीम ‘मासिक धर्म अनुकूल भारत के लिए साथ आएं’ का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक लड़कियों और महिलाओं को सुरक्षित स्वच्छता, सही जानकारी और स्वास्थ्य सुविधाएं समान रूप से उपलब्ध नहीं होंगी, तब तक वास्तविक सामाजिक समानता अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि हर लड़की को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए।

एम्स से जुड़े डॉक्टरों और फैकल्टी सदस्यों ने कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाना केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। स्कूलों, कॉलेजों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर सैनिटेशन सुविधाएं, स्वच्छ शौचालय और हाइजीन प्रोडक्ट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आज भी कई ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में लड़कियां पीरियड्स के दौरान स्कूल जाना छोड़ देती हैं या असुरक्षित साधनों का इस्तेमाल करती हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि वे बेटियों और महिलाओं से खुलेपन के साथ बातचीत करें और मासिक धर्म को सामान्य जैविक प्रक्रिया के रूप में स्वीकार करें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समाज में पीरियड्स को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और सुविधाएं बेहतर होंगी तो महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मसम्मान में बड़ा सुधार देखा जा सकेगा।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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