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Marriage Fraud: शादी के नाम पर साजिश का आरोप, पत्नी समेत सास-ससुर और देवर के खिलाफ केस दर्ज

Marriage Fraud: शादी के नाम पर साजिश का आरोप, पत्नी समेत सास-ससुर और देवर के खिलाफ केस दर्ज

नोएडा के बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र में विवाह के कुछ ही महीनों बाद पति-पत्नी के रिश्ते में आई खटास अब कानूनी विवाद में बदल गई है। एक युवक ने अपनी पत्नी, सास-ससुर और देवर पर सुनियोजित तरीके से शादी कर उसके परिवार से लाखों रुपये के गहने और कीमती सामान हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने पत्नी समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार बीटा-2 क्षेत्र की एक सोसाइटी में रहने वाले अर्जुन ने अदालत में दायर शिकायत में बताया कि उनका विवाह 29 अप्रैल 2025 को जालौन निवासी दीक्षा के साथ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। उन्होंने कहा कि विवाह बिना किसी दहेज की मांग के संपन्न हुआ और सभी सामाजिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। शादी के बाद पत्नी को सम्मानपूर्वक घर लाया गया, लेकिन शुरुआती दिनों से ही उसका व्यवहार परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति सामान्य नहीं था।

शिकायतकर्ता के अनुसार पत्नी परिवार के लोगों से बातचीत करने से बचती थी और अधिकांश समय अकेले अपने कमरे में रहती थी। जब इस संबंध में उसके परिजनों से बात की गई तो उन्होंने समय के साथ स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया। इसके बाद कुछ समय के लिए पत्नी को मायके भेजा गया, लेकिन बाद में उसके परिवार ने परीक्षा और अन्य कारणों का हवाला देकर उसकी विदाई लगातार टालनी शुरू कर दी।

अर्जुन का आरोप है कि जुलाई और अगस्त 2025 के दौरान भी अलग-अलग बहाने बनाकर पत्नी को मायके में ही रखा गया। 8 अगस्त 2025 को वह विवाह में मिले गहने, कपड़े और अन्य कीमती सामान अपने साथ लेकर चली गई। शिकायत के अनुसार इस सामान की कुल कीमत 70 लाख रुपये से अधिक है।

पीड़ित का कहना है कि इसके बाद पत्नी ने उससे बातचीत पूरी तरह बंद कर दी। उसने मोबाइल फोन और अन्य माध्यमों से भी संपर्क नहीं रखा। कई बार समझौते और बातचीत के प्रयास किए गए, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। जब शिकायतकर्ता ने अपने गहने और अन्य सामान वापस मांगे तथा वैवाहिक जीवन सामान्य करने की बात कही, तब कथित रूप से पत्नी और उसके परिजनों ने सहयोग करने के बजाय झूठे मुकदमे में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

अर्जुन ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि शुरू से ही पूरी शादी एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। उनका आरोप है कि पत्नी और उसके परिवार ने पहले विश्वास जीतकर विवाह किया और बाद में परिवार से लाखों रुपये के गहने तथा अन्य कीमती सामान लेकर संबंध तोड़ दिए। उन्होंने इसे योजनाबद्ध धोखाधड़ी बताते हुए न्यायालय से कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश के बाद बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने पत्नी दीक्षा, उसके पिता बृजेंद्र सिंह, मां भावना सिंह और भाई अर्जुन प्रताप सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

बीटा-2 कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि अदालत के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला जांच के अधीन है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जबकि जांच में अन्य तथ्य सामने आने पर उसी के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।

 

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