Hingoli Fire: हिंगोली के पटाखा गोदाम में भीषण आग, दो की मौत और करीब 12 लोग झुलसे
महाराष्ट्र के हिंगोली शहर में सोमवार को पटाखों से भरे एक गोदाम में अचानक आग लग गई। गोदाम में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे होने से आग तेजी से फैल गई और लगातार धमाकों की आवाज सुनाई देने लगी। हादसे में दो लोगों की झुलसने से मौत हुई है, जबकि करीब 12 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों का इलाज हिंगोली के मेडिकल कॉलेज अस्पताल और एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है।
घटना शहर की मारवाड़ी गली में हुई, जिसे घनी आबादी वाला इलाका बताया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग लगने के बाद गोदाम में रखे पटाखे एक के बाद एक फटने लगे। तेज धमाकों और धुएं के कारण आसपास दहशत फैल गई और स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने लगे।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। पटाखों के लगातार फटने की वजह से बचाव कार्य आसान नहीं था। आग बुझाने पहुंची दमकल विभाग की एक गाड़ी भी इसकी चपेट में आ गई, जिससे मौके पर खतरा और बढ़ गया।
हादसे के बाद घायल लोगों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। शुरुआती रिपोर्ट में करीब 12 लोगों के झुलसने की जानकारी है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। दो लोगों की मौत की पुष्टि के बाद पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान तथा आग के कारणों की जांच शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों ने इस बात को लेकर नाराजगी जताई कि पटाखों का गोदाम घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में मौजूद था। बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखे जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। हालांकि आग लगने की आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है।
प्रशासन अब आग के कारण, गोदाम में रखे पटाखों की मात्रा और सुरक्षा नियमों के पालन की जांच कर रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि पटाखों के भंडारण के लिए जरूरी अनुमति और मानकों का पालन किया गया था या नहीं। संपत्ति के नुकसान का आकलन भी जांच के बाद स्पष्ट होगा।
हिंगोली की यह घटना घनी आबादी वाले इलाकों में पटाखों और अन्य ज्वलनशील सामग्री के भंडारण से जुड़े जोखिम को सामने लाती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता आग पर नियंत्रण, घायलों के इलाज और हादसे की वजह का पता लगाना है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।


