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Gurdeep Singh Sappal: मतदाता सूची से नाम कटने पर कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग ने दी सफाई

Gurdeep Singh Sappal: मतदाता सूची से नाम कटने पर कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग ने दी सफाई

नोएडा में हाल ही में गाजियाबाद से स्थानांतरित हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपने और पूरे परिवार के नाम कटने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से आरोप लगाया कि बीएलओ द्वारा उनका और उनके परिवार का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है, जबकि उनके नाम वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज थे और सभी जरूरी दस्तावेज भी नियमानुसार जमा किए गए थे।

गुरदीप सिंह सप्पल ने अपनी पोस्ट में बताया कि न केवल उनका, बल्कि उनके माता-पिता का नाम भी वर्ष 2003 की मतदाता सूची में शामिल था। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब है। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

हालांकि अपनी ही पोस्ट में उन्होंने नाम कटने का कारण भी साझा किया। सप्पल ने लिखा कि उनका आवास पहले उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में था, लेकिन अब वे नोएडा विधानसभा क्षेत्र में शिफ्ट हो गए हैं। उन्हें यह जानकारी दी गई कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान स्थान बदले हुए मतदाताओं का नाम पुरानी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से काट दिया जाता है और उसे स्वतः नए क्षेत्र में शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है। यानी यदि कोई मतदाता अपना निवास बदलता है, तो उसे नए क्षेत्र की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अलग से प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

कांग्रेस नेता ने इस व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि उनके जैसे करोड़ों सही और पात्र मतदाता इस स्थिति में हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे तो स्वयं फॉर्म-6 भरकर अपने और अपने परिवार के नाम फिर से जुड़वा लेंगे, लेकिन यह सवाल बना हुआ है कि कितने आम लोग इस प्रक्रिया को समझ पाएंगे और समय रहते फॉर्म भर पाएंगे।

इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के एक्स हैंडल से कांग्रेस नेता को जवाब दिया गया। जवाब में लिखा गया कि गुरदीप सिंह सप्पल ने स्वयं अपनी पोस्ट में नाम कटने का सही कारण बताया है। निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बीएलओ ने नियमानुसार कार्य किया है और गाजियाबाद जिले की मतदाता सूची से नाम हटाया गया है, क्योंकि मतदाता अब वहां निवास नहीं करते। साथ ही यह भी कहा गया कि गुरदीप सिंह सप्पल और उनके परिवार को गौतम बुद्ध नगर जिले की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना चाहिए।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस तरह गुरदीप सिंह सप्पल फॉर्म-6 भर सकते हैं, उसी तरह समान परिस्थिति में रहने वाले सभी मतदाता यह फॉर्म भर सकते हैं और उन्हें ऐसा करना चाहिए। आयोग के अनुसार यह प्रक्रिया सभी के लिए समान है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है।

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