Greater Noida Suicide Case: इंजीनियर ने 11वीं मंजिल से लगाई छलांग, अस्पताल में मौत

Greater Noida Suicide Case: इंजीनियर ने 11वीं मंजिल से लगाई छलांग, अस्पताल में मौत
ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली क्षेत्र स्थित हवेलिया वैलेंशिया सोसाइटी में होली के दिन एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक बुजुर्ग इंजीनियर ने 11वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद सोसाइटी में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान संदीप श्रीवास्तव (60) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पेशे से इंजीनियर थे, हालांकि पिछले कई वर्षों से वह किसी प्रकार का काम नहीं कर रहे थे और घर पर ही रह रहे थे। पुलिस के अनुसार घटना होली के दिन शाम करीब 6 बजे की है, जब सूचना मिली कि सोसाइटी की 11वीं मंजिल से एक व्यक्ति नीचे गिर गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि व्यक्ति पहली मंजिल के छज्जे पर गिरा हुआ है। पुलिस ने तुरंत उसे पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बुजुर्ग ने अपनी बालकनी से छलांग लगाकर आत्महत्या की। पुलिस को घटनास्थल के पास एक स्टूल भी मिला है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्होंने उसी पर चढ़कर बालकनी से नीचे छलांग लगाई थी। हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के पीछे की सटीक वजह का पता नहीं चल पाया है।
पुलिस ने मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की। परिजनों ने बताया कि संदीप श्रीवास्तव लंबे समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज भी चल रहा था। उनके परिवार में पत्नी उनके साथ रहती हैं, जबकि उनका बेटा बेंगलुरु में नौकरी करता है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने वहां से आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए हैं। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
बिसरख कोतवाली प्रभारी कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि इस मामले में अभी तक परिजनों की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के कारणों की पूरी जानकारी मिल सकेगी।





