दिल्ली-एनसीआर में निरंतर बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राजधानी में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 के लागू होने के बाद दिल्ली मेट्रो ने अपने परिचालन में 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप बढ़ाने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 3 नवंबर 2026 से लागू होगी। अतिरिक्त ट्रेनें सप्ताह के कार्यदिवसों यानी सोमवार से शुक्रवार तक चलाई जाएंगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या और उनसे होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके।
दिल्ली मेट्रो की ओर से दी गई प्राप्त जानकारी के अनुसार, GRAP-2 लागू होने के बाद नेटवर्क पर पहले से संचालित अतिरिक्त सेवाओं के अलावा 20 और ट्रेन ट्रिप जोड़ी जाएंगी। इससे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर कुल अतिरिक्त सेवाओं की संख्या बढ़कर 40 हो जाएगी। मेट्रो प्रशासन का मानना है कि प्रदूषण के इस दौर में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। यदि अधिक यात्री अपनी निजी कारों और दोपहिया वाहनों के बजाय मेट्रो से सफर करते हैं, तो सड़कों पर वाहनों का दबाव घटाने और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती देने में मदद मिल सकती है।
दिल्ली में सोमवार, 2 नवंबर को वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई। राजधानी के कई इलाकों में हवा की स्थिति बेहद खराब से गंभीर श्रेणी तक पहुंच गई। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार शाम 4 बजे जहांगीरपुरी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 436 दर्ज किया गया, जबकि रोहिणी में 415 और पंजाबी बाग में 413 रहा। इन आंकड़ों ने राजधानी में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को उजागर किया। हवा में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता के बेहद खराब स्तर पर पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से GRAP के दूसरे चरण को लागू कर दिया। इसके तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभागों को अतिरिक्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इन उपायों में सड़कों की नियमित मैकेनिकल सफाई, पानी का छिड़काव, एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
GRAP-2 के तहत प्रदूषण नियंत्रण के लिए सड़कों पर जमा धूल को हटाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों से नियमित सफाई कराई जाएगी और जरूरत के अनुसार पानी का छिड़काव किया जाएगा। धूल को हवा में फैलने से रोकने के लिए एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल भी बढ़ाया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने होंगे। पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
दिल्ली मेट्रो पहले भी प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों के तहत अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं शुरू कर चुकी है। GRAP-1 लागू होने के बाद 22 अक्टूबर से सप्ताह के कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप चलाई जा रही थीं। अब GRAP-2 लागू होने के बाद 20 और ट्रिप बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस तरह यात्रियों को पहले के मुकाबले अधिक मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी। अतिरिक्त फेरों से खासतौर पर सुबह और शाम के व्यस्त समय में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली में हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण की समस्या गंभीर होने लगती है। इसी दौरान वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसम संबंधी परिस्थितियां वायु गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। ऐसे में मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। DMRC की ओर से अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप चलाने का फैसला इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
मेट्रो प्रशासन की इस पहल से दिल्ली और एनसीआर के उन यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो रोजाना नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कामों के लिए सफर करते हैं। अतिरिक्त सेवाओं के जरिए यात्रियों को निजी वाहनों का विकल्प उपलब्ध कराने के साथ प्रदूषण कम करने के सामूहिक प्रयासों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। अभी दिल्लीवासियों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि GRAP-2 के तहत लागू किए गए उपायों और मेट्रो की अतिरिक्त सेवाओं से राजधानी की बिगड़ती हवा को नियंत्रित करने में कितनी मदद मिलती है।
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