Chilla Elevated Extension: नोएडा में चिल्ला एलिवेटेड विस्तार की तैयारी तेज, 15 अगस्त तक IIT रुड़की सौंपेगा फाइनल डीपीआर और स्ट्रक्चरल डिजाइन

Chilla Elevated Extension: नोएडा में चिल्ला एलिवेटेड विस्तार की तैयारी तेज, 15 अगस्त तक IIT रुड़की सौंपेगा फाइनल डीपीआर और स्ट्रक्चरल डिजाइन
नोएडा। नोएडा में चिल्ला एलिवेटेड रोड के विस्तार की योजना को अब तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। चिल्ला से महामाया फ्लाईओवर के पास तक बनी करीब 5.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड को लगभग दो किलोमीटर और आगे बढ़ाने की तैयारी है। प्रस्तावित विस्तार के बाद यह एलिवेटेड मार्ग महामाया फ्लाईओवर क्षेत्र से सेक्टर-94 पुश्ता रोड के पास प्रस्तावित एलिवेटेड से जुड़ सकेगा। इस परियोजना के पूरा होने से नोएडा से जेवर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को डीएनडी-जेवर एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए बेहतर और सुगम कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी आईआईटी रुड़की को दी गई है। आईआईटी रुड़की की टीम ने नोएडा पहुंचकर संबंधित अधिकारियों के साथ डीपीआर को लेकर चर्चा की और प्रस्तावित मार्ग का दोबारा सर्वे भी किया। अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद आईआईटी की ओर से 15 अगस्त तक फाइनल डीपीआर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। वहीं, नोएडा प्राधिकरण की ओर से डीपीआर तैयार करने के लिए सात दिन का समय दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
फाइनल डीपीआर के साथ ही आईआईटी रुड़की की ओर से इस परियोजना का स्ट्रक्चरल डिजाइन भी तैयार किया जाएगा। डीपीआर और स्ट्रक्चरल डिजाइन मिलने के बाद नोएडा प्राधिकरण निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। प्रस्तावित करीब दो किलोमीटर लंबे एक्सटेंशन के निर्माण पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह विस्तार केवल नोएडा के लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि इससे एयरपोर्ट और नोएडा के बीच आने-जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक कनेक्टिविटी विकसित होगी। प्रस्तावित एक्सटेंशन डीएनडी-जेवर एक्सप्रेसवे से जुड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे नोएडा से जेवर एयरपोर्ट जाने वाले वाहन सीधे इस मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं, जेवर एयरपोर्ट की ओर से आने वाले ऐसे वाहन जिन्हें नोएडा की तरफ जाना है, वे भी इस कनेक्टिविटी का उपयोग कर सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित एक्सटेंशन लाइन एक तरह से रोटरी की भूमिका भी निभाएगी। इससे अलग-अलग दिशाओं से आने और जाने वाले वाहनों को बेहतर मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। नोएडा में लगातार बढ़ते यातायात और भविष्य में जेवर एयरपोर्ट से बढ़ने वाले ट्रैफिक को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्ट्रक्चरल डिजाइन के लिए किया गया स्वाइल टेस्ट
एलिवेटेड रोड के विस्तार के निर्माण से पहले मिट्टी की क्षमता की जांच के लिए स्वाइल टेस्ट भी कराया गया है। इस जांच के जरिए जमीन की बियरिंग कैपेसिटी यानी मिट्टी कितना भार सहन कर सकती है, इसकी जानकारी हासिल की जाएगी। बियरिंग कैपेसिटी के आधार पर एलिवेटेड रोड के पिलर की संख्या, उनकी क्षमता और संरचना से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसी तकनीकी जानकारी को डीपीआर और स्ट्रक्चरल डिजाइन में शामिल किया जाएगा। परियोजना की सुरक्षा और मजबूती के लिहाज से मिट्टी की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आईआईटी रुड़की की तकनीकी टीम सर्वे और स्वाइल टेस्ट के आंकड़ों के आधार पर निर्माण की विस्तृत योजना तैयार करेगी।
आईआईटी टीम ने दोबारा किया पूरे रूट का सर्वे
फाइनल डीपीआर तैयार करने से पहले आईआईटी रुड़की की टीम ने प्रस्तावित पूरे रूट का दोबारा सर्वे किया है। सर्वे के दौरान जमीन की सतह और उसके भौतिक व प्राकृतिक स्वरूप का विस्तृत अध्ययन किया गया। इसमें जमीन की ऊंचाई, उतार-चढ़ाव, समोच्च रेखाओं, पेड़-पौधों, नदियों और मानव निर्मित संरचनाओं जैसे भवनों और सड़कों की स्थिति को दर्ज किया गया।
सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की ऊंचाई, पिलर की स्थिति और अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसी प्रक्रिया के बाद फाइनल डीपीआर तैयार होगी। प्राधिकरण को उम्मीद है कि डीपीआर और स्ट्रक्चरल डिजाइन मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण की दिशा में अगला कदम उठाया जा सकेगा।
पुश्ता एलिवेटेड से जुड़ेगा चिल्ला एलिवेटेड का विस्तार
चिल्ला एलिवेटेड का प्रस्तावित एक्सटेंशन सेक्टर-94 के पास पुश्ता रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड से जुड़ेगा। यह पुश्ता एलिवेटेड आगे सेक्टर-94 से जेवर एयरपोर्ट तक जाने वाली कनेक्टिविटी का हिस्सा होगा, जिसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
दोनों परियोजनाओं के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होने से नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच आवागमन को गति मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए इन कनेक्टिविटी परियोजनाओं को अहम माना जा रहा है।





