Tuesday, 27 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : कभी बेटियों का स्कूल जाना था मुश्किल, आज रात दो बजे भी बेखौफ लौटती हैं घर- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथAyodhya : योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव में देश-विदेश की रामलीलाओं का संगम, अयोध्या में 10 से 15 मंचों पर होगा आयोजनLucknow : 22 प्रस्तावों पर योगी कैबिनेट की मुहर, शिक्षा कर्मियों को कैशलेस इलाज से लेकर रोबोटिक्स पार्क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मिली मंजूरीBhangel CHC Facilities: भंगेल सीएचसी में 75 लाइटें, 21 सीसीटीवी और पेयजल सुविधाएं बेहतरPNB Bank Fraud: ग्रेटर नोएडा की पीएनबी शाखा में 35 करोड़ की कथित अनियमितता का आरोपNoida Cyber Fraud: ऑनलाइन निवेश के नाम पर चार लोगों से करीब 93 लाख की ठगीNoida Suicide Case: मामूरा में युवती की मौत, शादी और रुपये के विवाद में युवक पर मुकदमाJewar Link Expressway: जेवर लिंक समेत चार एक्सप्रेसवे के लिए 17,542 करोड़ रुपये मंजूर

Lucknow : टीजीटी के 17,735 पदों में आरक्षण को लेकर निराधार दुष्प्रचार- चयन आयोग

Lucknow/Prayagraj : अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक – टीजीटी) के 17,735 पदों पर निकाली गई भर्ती के संबंध में सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रामक दुष्प्रचार का उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापित पदों पर आरक्षण व्यवस्था शासन के स्थापित नियमों और विहित व्यवस्था के अनुरूप पूर्णतः पारदर्शी तरीके से लागू की गई है। कतिपय अवांछित तत्वों एवं संस्थाओं द्वारा सोशल मीडिया व विभिन्न मंचों पर आरक्षण को लेकर किया जा रहा दुष्प्रचार तथ्यहीन और भ्रामक है।

उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रदेश के जनपदों में संचालित विभिन्न अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों से विद्यालयवार, विषयवार तथा श्रेणीवार/आरक्षणवार रिक्त पदों को चिह्नित एवं संकलित कराकर आयोग को अधियाचन उपलब्ध कराया गया था। उत्तर प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय ‘एकल इकाई’ (सिंगल यूनिट) के रूप में मान्य हैं और संबंधित विद्यालय का प्रबंध तंत्र ही नियुक्ति प्राधिकारी होता है। अतः विद्यालय के एकल इकाई होने के कारण प्रत्येक विद्यालय में स्वीकृत पदों की संख्या के आधार पर ही आरक्षण के प्रचलित नियमों के तहत विद्यालयवार पदों का श्रेणीवार निर्धारण किया जाता है। यह आरक्षण पूरे प्रदेश या निदेशालय स्तर पर कुल पदों की समेकित संख्या पर लागू नहीं होता है। इसी नियमावली एवं वैधानिक व्यवस्था के तहत पूर्व में भी (विज्ञापन संख्या- 01/2022 तथा 02/2022) भर्ती प्रक्रिया आयोग द्वारा शासन की मंशानुरूप पूर्ण शुचिता, निष्पक्षता और विहित प्राविधानों के अंतर्गत संपन्न कराई गई है।

डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि इस संबंध में शासन द्वारा भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘E-Gyan Ganga-U.P.’ पर तथ्यात्मक वस्तुस्थिति स्पष्ट कर दी गई है। उन्होंने प्रदेश भर के शिक्षक अभ्यर्थियों एवं सर्वसाधारण से अपील की है कि वे सोशल मीडिया अथवा किसी भी अनधिकृत स्रोत से प्रसारित की जा रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर तनिक भी विश्वास न करें और न ही ऐसी किसी निराधार पोस्ट को फॉरवर्ड या शेयर करें। भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी अधिकृत एवं प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें