Law Department: नोएडा के राजकीय पीजी कॉलेज में बनेगा लॉ विभाग, 10.90 करोड़ रुपये का टेंडर जारी
नोएडा के विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों के सरकारी कॉलेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़े, इसके लिए सेक्टर-39 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लॉ विभाग स्थापित करने की योजना आगे बढ़ गई है। इस परियोजना के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है। शासन से जिम्मेदारी मिलने के बाद निगम की ओर से 10 करोड़ 90 लाख 40 हजार रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर जारी होने के बाद परियोजना के निर्माण संबंधी कार्य आगे बढ़ने की उम्मीद है। नया विभाग स्थापित होने से जिले के उन विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर कानून की पढ़ाई का अवसर मिल सकता है, जो सरकारी संस्थान में दाखिला लेना चाहते हैं।
अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर जिले के किसी भी सरकारी कॉलेज में कानून की पढ़ाई की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लॉ की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को दाखिला लेने के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों को अपने घर से दूर जाकर अध्ययन की व्यवस्था करनी पड़ती है। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लॉ विभाग बनने से जिले में ही कानूनी शिक्षा का विकल्प उपलब्ध हो सकेगा। स्थानीय स्तर पर सरकारी संस्थान में यह सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को शिक्षा हासिल करने के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, नए विभाग में दाखिले से संबंधित विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिले का उच्च शिक्षा से जुड़ा प्रमुख संस्थान है और इसे जिले का पहला सरकारी कॉलेज भी बताया गया है। यहां लॉ विभाग विकसित होने से कॉलेज में उपलब्ध विषयों और शैक्षणिक विकल्पों का विस्तार होगा। कानून के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को इससे लाभ मिलने की संभावना है। निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जाने को परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निर्माण कार्य शुरू होने और पूरा होने की प्रक्रिया के साथ विभाग को शैक्षणिक रूप से संचालित करने की तैयारियां आगे बढ़ेंगी।
हालांकि, लॉ विभाग में पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए केवल भवन निर्माण पर्याप्त नहीं होगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित शैक्षणिक और नियामक औपचारिकताओं को भी पूरा करना होगा। इसके बाद ही विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में लॉ पाठ्यक्रमों की सीटों की संख्या, शुरू होने वाले पाठ्यक्रमों की प्रकृति और पहले सत्र में प्रवेश की संभावित तारीख स्पष्ट नहीं है। इन विषयों पर आगे की स्थिति परियोजना और शैक्षणिक तैयारियों के पूरा होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।




