Investment Fraud: टेलीग्राम पर निवेश का झांसा देकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महिला से 5.87 लाख रुपये की ठगी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां टेलीग्राम के माध्यम से निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 5 लाख 87 हजार 895 रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने महिला को निवेश की गई रकम पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया था। शुरुआत में निवेश संबंधी संदेश भेजे गए और इसके बाद महिला ने आरोपियों के बताए तरीके से पैसे लगाने शुरू कर दिए। जब उसने निवेश की रकम और उससे मिलने वाले रिटर्न के बारे में जानकारी मांगी तो आरोपियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बाद में उसे ठगी का संदेह हुआ और उसने साइबर अपराध से संबंधित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी रवनीत सिंह साहनी की पत्नी को 25 मई 2026 को टेलीग्राम के माध्यम से निवेश से जुड़ा संदेश मिला था। संदेश में निवेश की गई रकम पर आकर्षक मुनाफा देने का दावा किया गया था। इस प्रस्ताव से प्रभावित होकर महिला ने आरोपियों के बताए तरीके से निवेश करना शुरू कर दिया। बताया गया है कि उसने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अलग-अलग लेनदेन किए। धीरे-धीरे निवेश के नाम पर उससे रकम ट्रांसफर कराई जाती रही। जब महिला ने अपने निवेश और मिलने वाले लाभ के बारे में पूछा तो उसे कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। इसी दौरान उसे शक हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की जा रही है।
शिकायत में बताया गया है कि इसके बाद आरोपियों ने दोबारा टेलीग्राम पर संपर्क किया। उन्होंने महिला को और अधिक रकम निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा मिलने का लालच दिया। इस तरह अलग-अलग लेनदेन के जरिए उससे कुल 5 लाख 87 हजार 895 रुपये की धोखाधड़ी की गई। पीड़िता के पति रवनीत सिंह साहनी ने बताया कि मामले में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले ही तीन शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। शिकायत में आईसीआईसीआई और एसबीआई के क्रेडिट कार्ड से किए गए लेनदेन का विवरण भी दिया गया है।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें कथित तौर पर ठगी की रकम भेजी गई थी। साथ ही, टेलीग्राम पर संपर्क करने वाले लोगों और लेनदेन से संबंधित विवरण की जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य आरोपियों की पहचान करना, रकम के लेनदेन की कड़ियों का पता लगाना और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करना है। फिलहाल, जांच जारी है और ठगी की रकम की वापसी के संबंध में कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है.





