Stolen Steel Theft: चोरी का सरिया गाजियाबाद के कबाड़ी को बेचते थे बदमाश, पूछताछ में 16 वारदातों का खुलासा
नोएडा के सेक्टर-58 थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में निर्माण स्थलों से सरिया चोरी करने के मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी चोरी किया हुआ सरिया गाजियाबाद के एक कबाड़ी को बेचते थे। आरोपियों ने कथित तौर पर कबाड़ी के नाम और पते की जानकारी भी पुलिस को दी है। पुलिस अब उससे पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में उसकी संभावित भूमिका का पता लगाया जा सके।
एडिशनल डीसीपी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान दिल्ली के कल्याणपुरी निवासी 30 वर्षीय राजू सिंह को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उसके साथी राहुल सिंह को घेराबंदी के दौरान पकड़ा गया, जबकि अर्जुन और सुनील नाम के दो अन्य आरोपियों को चोरी की योजना बनाते समय गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, चारों से पूछताछ के दौरान पता चला कि वे दिल्ली-एनसीआर में एक महीने के भीतर सरिया चोरी की 16 वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने राजू सिंह के कब्जे से मिली बाइक को भी चोरी की बताया है और उसके संबंध में जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, राजू सिंह के खिलाफ दिल्ली और नोएडा के अलग-अलग थानों में कुल 15 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से आठ मामले दिल्ली के अमर कॉलोनी थाने में दर्ज बताए गए हैं। उसका साथी राहुल सिंह भी दिल्ली के कल्याणपुरी का रहने वाला है। उसके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अर्जुन के खिलाफ दो और सुनील के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि अर्जुन ने नोएडा के अलावा हरियाणा के बहादुरगढ़ में भी वारदात की है। इन आरोपियों के पुराने मामलों और कथित चोरी की घटनाओं के संबंध में पुलिस रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पूछताछ में पुलिस को आरोपियों की कथित कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, राजू सिंह अपने साथी राहुल के साथ चोरी की बाइक पर दिन के समय निर्माण स्थलों की रेकी करने निकलता था। दोनों अलग-अलग साइटों के आसपास जाकर यह पता लगाते थे कि वहां सरिया और दूसरी निर्माण सामग्री कहां रखी है तथा रात में उसकी रखवाली के लिए गार्ड तैनात रहता है या नहीं। जिन साइटों पर रात के समय गार्ड मौजूद नहीं होते थे, उन्हें निशाना बनाने की योजना बनाई जाती थी। आरोप है कि रात होने के बाद आरोपी ऐसे निर्माण स्थलों पर पहुंचते और कुछ ही मिनटों में सरिया तथा अन्य सामग्री चोरी करके फरार हो जाते थे।
पुलिस का कहना है कि चोरी के सरिये को गाजियाबाद के एक कबाड़ी को बेचने की बात पूछताछ में सामने आई है। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कबाड़ी की पहचान और उसके पते की पुष्टि की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की सामग्री कितनी मात्रा में बेची गई और इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। चारों आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों और बरामद सामान के संबंध में जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चोरी की और घटनाओं का पता लगाया जा सकेगा.





