Lift Accident: महागुन मायवुड्स सोसाइटी में लिफ्ट पिट में गिरा डिलीवरी ब्वॉय, पैर में तीन फ्रैक्चर के बाद ऑपरेशन
नोएडा की महागुन मायवुड्स सोसाइटी में मंगलवार देर रात लिफ्ट में फंसने के बाद बाहर निकलने की कोशिश कर रहा एक डिलीवरी ब्वॉय करीब तीन मंजिल नीचे लिफ्ट पिट में जा गिरा। हादसे में उसके पैर में तीन जगह फ्रैक्चर हो गया और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं। घायल की पहचान श्याम के रूप में हुई है। परिवार के मुताबिक, चोटों की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों को तत्काल ऑपरेशन करके उसके पैर में रॉड डालनी पड़ी। घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों ने लिफ्ट के रखरखाव और आपातकालीन सहायता व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि डिलीवरी ब्वॉय के अलार्म बजाने के बावजूद समय पर मदद नहीं पहुंची।
श्याम मंगलवार रात करीब 11 बजकर 28 मिनट पर सोसाइटी में सामान देने पहुंचा था। वह संबंधित टावर की लिफ्ट में सवार हुआ, लेकिन लिफ्ट पहले और दूसरे तल के बीच अटक गई। श्याम के भाई सुमित ने बताया कि लिफ्ट के अंदर फंसने के बाद उसके भाई ने इमरजेंसी अलार्म बजाया और गेट खटखटाकर मदद मांगने की कोशिश की। उसके मुताबिक, करीब 15 मिनट तक किसी के नहीं पहुंचने पर श्याम ने खुद ही हाथों से लिफ्ट का गेट खोलने की कोशिश की। गेट खुलने के बाद बाहर निकलते समय उसका पैर फिसल गया और वह नीचे लिफ्ट पिट में गिर गया। बताया गया है कि वह करीब तीन मंजिल नीचे गिरा, जिससे उसके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। श्याम की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को घटना का पता चला। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों और सोसाइटी प्रबंधन को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने उसे लिफ्ट पिट से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
श्याम के छोटे भाई सुमित के अनुसार, गिरने के कारण उसके पैर में तीन स्थानों पर फ्रैक्चर हुआ। पैर का मांस बुरी तरह कुचल जाने के कारण चिकित्सकों को तत्काल ऑपरेशन करना पड़ा और पैर में रॉड डालनी पड़ी। परिवार का कहना है कि श्याम की कमर और छाती में भी गंभीर चोटें आई हैं और फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सुमित ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। परिवार पुलिस में शिकायत देकर बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उपचार के खर्च में सहायता दिलाने की मांग करने की बात कह रहा है।
सोसाइटी के एओए अध्यक्ष अनिल वर्मा ने लिफ्ट के रखरखाव को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि लिफ्टों की देखरेख में लापरवाही की शिकायतें पहले भी प्राधिकरण और प्रशासन से की जाती रही हैं, लेकिन समस्या का ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि हादसा गंभीर है और इसमें डिलीवरी ब्वॉय की जान भी जा सकती थी। एओए की ओर से पुलिस में शिकायत देकर बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग किए जाने की बात कही गई है। सोसाइटी के कुछ निवासियों ने भी आरोप लगाया कि श्याम लिफ्ट में फंसने के दौरान लगातार इमरजेंसी अलार्म बजाकर सहायता मांगता रहा, लेकिन समय पर सुरक्षाकर्मी या मेंटेनेंस कर्मचारी नहीं पहुंचे। निवासियों का दावा है कि यदि समय रहते सहायता मिल जाती तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता था। उन्होंने लिफ्टों के रखरखाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया को लेकर जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है।




