Sunday, 25 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Mathura : गिरिराज परिक्रमा की स्वर लहरियों से गूंजा गोवर्धन, संघ के शताब्दी वर्ष का हुआ संगीतमय समापनNew Delhi : ब्रिक्स संसदीय फोरम के दौरान ओम बिरला और रूसी संसद के अध्यक्ष वोलोदिन के बीच द्विपक्षीय वार्ताNew Delhi : 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम से पहले नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठकें, आज ओम बिरला करेंगे विदेशी प्रतिनिधिमंडलों से वार्ताHapur News : हापुड़ में सुरक्षा प्रकोष्ठ की मासिक बैठक, व्यापारियों से पुलिस ने की ये अपीलHapur News : हापुड़ में बच्चों के विवाद में दो पक्षों की महिलाओं में मारपीट, चार महिलाएं हिरासत मेंBulandshahar : बुलंदशहर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो चचेरे भाइयों को रौंदा, मौत के बाद चालक गिरफ्तारBulandshahar : बुलंदशहर जेल में 93 वर्षीय विचाराधीन कैदी की मौत, पॉक्सो एक्ट के मामले में था बंदBulandshahar : बुलंदशहर में कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में तृतीय व्हाइट कोट समारोह आयोजित

Jhiram Ghati Naxal Attack: 13 साल पुराने हमले में NIA कोर्ट का फैसला, 10 दोषियों को मृत्युदंड

Jhiram Ghati Naxal Attack: 13 साल पुराने हमले में NIA कोर्ट का फैसला, 10 दोषियों को मृत्युदंड

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में करीब 13 साल बाद विशेष NIA अदालत ने सजा का फैसला सुनाया है। जगदलपुर की अदालत ने दोषी ठहराए गए सभी 10 लोगों को मृत्युदंड दिया। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत ने 16 सितंबर 2026 को सजा का ऐलान किया। इससे पहले 5 सितंबर को सभी 10 आरोपियों को दोषी करार देकर सजा पर आदेश सुरक्षित रखा गया था।

झीरम घाटी में 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया था। इस वारदात में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी।

हमले के समय परिवर्तन यात्रा बस्तर क्षेत्र से गुजर रही थी। जांच के मुताबिक बड़ी संख्या में हथियारबंद नक्सलियों ने काफिले को निशाना बनाया। काफिला रोके जाने के बाद गोलीबारी की गई और विस्फोटकों का भी इस्तेमाल हुआ।

हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत कई लोगों की जान गई थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई। NIA ने हमले से जुड़े संदिग्धों और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की तथा अदालत में विस्तृत आरोपपत्र पेश किया।

न्यायिक प्रक्रिया करीब 13 वर्षों तक चली। रिपोर्टों के मुताबिक सुनवाई के दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज हुए और लगभग 294 सुनवाई हुईं।

मामले में कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इनमें से एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। शेष 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही, जबकि मामले से जुड़े कई अन्य आरोपी फरार बताए गए।

विशेष NIA अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और लंबी सुनवाई के बाद 5 सितंबर 2026 को सभी 10 आरोपियों को दोषी माना। इसके बाद 16 सितंबर को सजा सुनाते हुए सभी को मृत्युदंड दिया गया।

दोषियों को हत्या, आपराधिक साजिश और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के साथ UAPA के प्रावधानों के तहत दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष ने हमले की योजना और काफिले को निशाना बनाने से जुड़े साक्ष्य अदालत में पेश किए।

झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास की सबसे गंभीर हिंसक घटनाओं में गिना जाता है। इस हमले से राज्य कांग्रेस नेतृत्व को बड़ा नुकसान हुआ था और नक्सल प्रभावित इलाकों में राजनीतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छिड़ी थी।

करीब 13 साल चली प्रक्रिया के बाद विशेष NIA अदालत का यह फैसला मामले में बड़ा न्यायिक घटनाक्रम है। मृत्युदंड से जुड़े मामलों में आगे लागू होने वाली वैधानिक और न्यायिक प्रक्रियाएं भी जारी रहेंगी।

 

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें

पाठकों की राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *