New Delhi : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूस की स्टेट ड्यूमा के चेयरमैन व्याचेस्लाव वोलोदिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-रूस मैत्री और संसदीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।

ओम बिरला ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 80 वर्ष पूरे होने को एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
लोकसभा अध्यक्ष ने भारत और रूस की संसदों के बीच अंतर-संसदीय आयोग की अगली बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। दोनों पक्षों ने संस्थागत संसदीय संवाद को और अधिक सशक्त बनाने के महत्व पर विचार साझा किए।
बैठक में संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान और युवा व महिला सांसदों के बीच संवाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। संसदीय मैत्री समूहों के माध्यम से संपर्क को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
ओम बिरला ने संसद भाषिणी के माध्यम से संसदीय कार्यवाही को विभिन्न भारतीय भाषाओं में सुलभ बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने संसदीय कामकाज को सरल और जन-केंद्रित बनाने में तकनीक की भूमिका को भी रेखांकित किया।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि ब्रिक्स देशों की संसदों के बीच निकट सहयोग वैश्विक चुनौतियों के समाधान और विकासशील देशों की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में मददगार होगा।
दोनों नेताओं ने आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा प्रयासों की आवश्यकता पर चर्चा की। ओम बिरला ने इस मुद्दे पर भारत को रूस के समर्थन की सराहना की। साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता के लिए रूस के समर्थन की भी सराहना की। बैठक में व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, उद्योग और जन-जन के संपर्क को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।




