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Mahagun Moderne Protest: सोसाइटी में चुनाव और वित्तीय लेनदेन का ऑडिट कराने की मांग पर लोगों का प्रदर्शन, बढ़े शुल्क को वापस लेने की मांग

Mahagun Moderne Protest: सोसाइटी में चुनाव और वित्तीय लेनदेन का ऑडिट कराने की मांग पर लोगों का प्रदर्शन, बढ़े शुल्क को वापस लेने की मांग

नोएडा। सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉर्डन सोसाइटी में रविवार को निवासियों के एक समूह ने एओए चुनाव, वित्तीय लेनदेन का ऑडिट और रखरखाव व बिजली शुल्क से जुड़े मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से एओए के चुनाव नहीं हुए हैं और नियमों का पालन किए बिना विभिन्न शुल्क वसूले जा रहे हैं। वहीं एओए ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोसाइटी में अपार्टमेंट एक्ट के तहत हर साल चुनाव होते हैं और शुल्क में बढ़ोतरी भी नियमानुसार की गई है।

प्रदर्शन में शामिल अंशुमान सिंह और कमलप्रीत कौर ने बताया कि महागुन मॉर्डन में करीब 2,600 परिवार रहते हैं और यह एनसीआर की बड़ी आवासीय सोसाइटियों में शामिल है। रविवार को बड़ी संख्या में निवासी सोसाइटी के क्लब परिसर के पास एकत्रित हुए।

प्रदर्शनकारी हाथों में होर्डिंग और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते दिखाई दिए। उन्होंने एओए की कार्यप्रणाली और सोसाइटी में वसूले जा रहे विभिन्न शुल्क को लेकर सवाल उठाए।

प्रदर्शन कर रहे निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी में लंबे समय से एओए के चुनाव नहीं कराए गए हैं। उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारी हस्तक्षेप कर नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराएं, ताकि नई कार्यकारिणी का गठन किया जा सके।

निवासियों ने सोसाइटी के वित्तीय लेनदेन का ऑडिट कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि निवासियों से लिए जाने वाले विभिन्न शुल्क और उनके इस्तेमाल की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने आनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सामान्य क्षेत्र के रखरखाव और बिजली से जुड़े शुल्क पर भी आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि निवासियों से रखरखाव और बिजली के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है और यह राशि उनके प्री-पेड मीटर से काटी जा रही है।

निवासियों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुल्क वसूली के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बढ़ाए गए शुल्क को वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी शुल्क में बदलाव से पहले नियमों का पालन और निवासियों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने यह आरोप भी लगाया कि सोसाइटी की व्यवस्थाओं और निवासियों से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले लोगों को कथित तौर पर डराया और धमकाया जाता है। हालांकि इन आरोपों पर एओए ने असहमति जताई है।

निवासियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सोसाइटी की समस्याओं को लेकर कई बार आवाज उठाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी और डिप्टी रजिस्ट्रार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि सोसाइटी में नियमानुसार एओए चुनाव कराया जाए और वित्तीय लेनदेन का स्वतंत्र एवं पारदर्शी ऑडिट हो।

इसके साथ ही उन्होंने रखरखाव और बिजली से संबंधित बढ़े हुए शुल्क को वापस लेने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को सोसाइटी की पूरी व्यवस्था की जांच कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

दूसरी तरफ महागुन मॉर्डन एओए के अध्यक्ष वाईपी गुप्ता ने प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सोसाइटी के कुछ लोग अपार्टमेंट को बदनाम करने के उद्देश्य से इस तरह के विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

वाईपी गुप्ता ने कहा कि एओए पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उनके मुताबिक अपार्टमेंट एक्ट के तहत सोसाइटी में प्रत्येक वर्ष चुनाव कराए जाते हैं।

उन्होंने रखरखाव और बिजली शुल्क से जुड़े आरोपों पर भी अपना पक्ष रखा। एओए अध्यक्ष का कहना है कि रखरखाव शुल्क और बिजली शुल्क में जो बढ़ोतरी की गई है, वह नियमानुसार है।

ऐसे में एओए चुनाव, वित्तीय ऑडिट और शुल्क को लेकर सोसाइटी के निवासियों के एक समूह और एओए के दावे आमने-सामने हैं। प्रदर्शनकारी जहां प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, वहीं एओए सभी प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप बता रहा है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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